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बंगाल के मुर्शिदाबाद पर लगा एक और 'धब्बा'

Fri, 17 Jul 2015 01:11 AM IST
रीता तिवारी/ कोलकाता
रीता तिवारी/ कोलकाता Updated Fri, 17 Jul 2015 01:11 AM IST
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one more stain on bengal's murshidabad

रिजर्व बैंक की ओर से पश्चिम बंगाल के मालदा जिले को नकली नोटों का गढ़ बताने के बाद अब राज्य के एक और जिले मुर्शिदाबाद की साख पर धब्बा लग गया है।

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इस बार नारकोटिक्स ब्यूरो (एनसीबी) ने कहा है कि मुर्शिदाबाद देश में मादक द्रव्यों की सप्लाई के सबसे बड़े केंद्र के तौर पर उभरा है।

एनसीबी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले छह महीनों के दौरान देश के 11 महानगरों से मादक पदार्थ बेचने वाले जितने लोग गिरफ्तार किए गए हैं, उनमें से 60 फीसदी मुर्शिदाबाद के ही रहने वाले हैं।
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एनसीबी के आंकड़ो से हुआ खुलासा

one more stain on bengal's murshidabad

एनसीबी ने राज्य के आबकारी विभाग को भी यह आंकड़ा सौंप दिया है। इसमें कहा गया है कि ड्रग्स को लेकर देश के 11 महानगरों में पकड़े गए हर पांच में से तीन लोग मुर्शिदाबाद जिले के रहने वाले हैं।

आबकारी विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं। हम मुर्शिदाबाद पर कड़ी निगाह रख रहे हैं। एनसीबी अधिकारियों के मुताबिक, मुर्शिदाबाद के तस्कर बांग्लादेश से नशीले पदार्थ हासिल कर उन्हें अपने एजेंटों के जरिए देश के विभिन्न महानगरों में भेज रहे हैं।

इनके पास से बरामद पदार्थ मलयेशिया में बने हैं। वहां से म्यांमार और बांग्लादेश होकर इनकी खेप मुर्शिदाबाद पहुंचती है। सूत्रों के मुताबिक, नशीले पदार्थों के तस्कर मुख्य रूप से दो तरीकों से हेरोइन और ब्राउन शुगर देश के विभिन्न हिस्सों में भेजते हैं।

इन सब के पीछे असरदार लोगों का हाथ?

one more stain on bengal's murshidabad

पहला तरीका कम मात्रा में खुदरा ग्राहकों, कालेज छात्रों और निजी पार्टियों में शामिल होने वाले युवाओं को सीधी बिक्री करने का है। इसके अलावा दूर-दराज के शहरों में स्थानीय एजेंटों को थोक में इसकी सप्लाई की जाती है।

एनसीबी के मुताबिक, अब तक इन मामलों में गिरफ्तार ज्यादातर लोग छोटे-मोटे एजेंट ही है। राज्य के आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तस्करी के पीछे मुर्शिदाबाद के कुछ असरदार लोगों का हाथ हो सकता है।

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