फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   One more person killed by tigress in up

छठवां शिकारः शव ले गई 'आदमखोर बाघिन'

Sat, 11 Jan 2014 05:13 PM IST
Updated Sat, 11 Jan 2014 05:13 PM IST
विज्ञापन
One more person killed by tigress in up

एक सप्ताह से आतंक का पर्याय बनी बाघिन ने बिजनौर में युवक को अपना पहला शिकार बना लिया है। माना जा रहा है कि यही बाघिन इससे पहले पांच लोगों को शिकार बना चुकी है।

विज्ञापन


ग्रामीणों ने शव को हाइवे पर रखकर जाम लगाया। एसडीएम द्वारा मुआवजे के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला।

इस दौरान दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। थाना अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव मानियावाला निवासी  22 वर्षीय शिव कुमार मजदूरी करता था। शुक्रवार को वह तीन साथियों के साथ गांव से दक्षिण  दिशा में जंगल से अगोला लेने गया था।
विज्ञापन

शव खींचकर ले गई बाघ‌िन

One more person killed by tigress in up

वहां शिवकुमार अन्य साथियों को गन्ने के खेत में छोड़कर पॉपुलर की टहनियां छांटने लगा। इस दौरान बाघ ने पिछले से हमला कर मार डाला। वह शिव कुमार के शव को खींच कर ले गई।

काफी देर शिवकुमार के वापस गन्ने के खेत में न पहुंचने पर साथी अमरपाल, मीना व सविता ने जाकर देखा, घटनास्थल पर खून पड़ा था। खून के निशान आगे की ओर से थे। साथियों ने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। ग्रामीणों ने मौके पर जाकर शिवकुमार की तलाश की।

छठी मौत से ग्रामीणों का गुस्सा

One more person killed by tigress in up

खून के निशानों को ढूढ़ने पर घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर शिवकुमार का खून से लथपथ शव पड़ा था। शव  के  पीछे से कुल्हे और जाघों का मांस गायब था।

तब तक वनकर्मी व पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों ने शव को हाइवे पर रखकर जाम लगा दिया और मुआवजे की मांग करने लगे।

इस दौरान करीब दो घंटे तक हाइवे जाम रहा। मौके पर पहुंचे एसडीएम संजय सिंह ने प्रदेश सरकार की ओर से मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये व वन विभाग की ओर से एक लाख रुपये के मुआवजे का आश्वासन दिया।

तब ग्रामीणों ने करीब चार बजे जाम खोला। दो घंटे तक नेशनल हाइवे-74 जाम रहा।

विज्ञापन

बाघिन की मौत के लिए जाल बिछाया

One more person killed by tigress in up

जैसे ही प्रशासन को आदमखोर बाघिन द्वारा शिवकुमार पर हमला कर मार दिए जाने की सूचना मिली तो सीओ सर्किल अफजलगढ़ के तीनों थाने की पुलिस व वन विभाग के आला अफसर मौके पर पहुंच गए।

सरकार द्वारा नामित किए तीनों शूटरों को बुलाकर बाघिन को मारने के लिए जंगलों में तलाश शुरू कर दी। समाचार लिखे जाने तक बाघिन शूटरों के हत्थे नहीं चढ़ सकी थी।

डीएफओ विजय सिंह ने बताया कि बाघिन गढ़वाला के जंगलों की तरफ घुम गई है, उसे मारने के लिए वन विभाग व शूटरों ने जाल बिछा दिया है।

जंगल में इंसान के दखल से आदमखोर हो रहे बाघ

One more person killed by tigress in up

जंगल में बढ़ता शोर और इंसानों की घुसपैठ बाघों को आदमखोर बना रही है। उन्हें एकांत पसंद है, जंगल में किसी का दखल बाघ को बर्दाश्त नहीं, लेकिन हाल के दिनों में लगातार जंगल में इंसानों की घुसपैठ बढ़ी है।

यही वजह है कि बाघ आबादी में घुस रहे हैं और जानवर न मिलने पर मनुष्यों को शिकार बना रहे हैं। प्रोजेक्ट टाइगर के पूर्व डायरेक्टर डॉ. रामलखन सिंह ने शुक्रवार को बताया कि जिन जंगलों का सीमाक्षेत्र लंबा होता है वहां बाड़ लगाना मुमकिन नहीं है।

आसपास की आबादी इन जंगलों में घुसती रहती है। लोग जानवर चराने तक जाने लगे हैं। कभी जंगलों से ट्रैक्टर गुजरते हैं तो कभी टूरिस्टों की हलचल होती है। रातों में गश्त और सर्च होती है। इस तरह की डिस्टर्बेंस अब लगातार बढ़ रही है।

सुअर और हिरन बाघ का पसंदीदा आहार है। हिरन तो खत्म हो गए हैं लेकिन सुअर आबादी में मिल जाते हैं। इसलिए जहां जंगल हैं वहां आसपास की आबादी में बाघों का आना कोई नई बात नहीं है।

लेकिन यही जब दूर तक निकल जाते हैं तो उनके रास्ते में जो आता है उसे ही शिकार बनाने लगते हैं। जब बाघ मनुष्यों को खाने लगता है तो आदमखोर कहलाने लगता है।

देश में 42 टाइगर रिजर्व हैं जिनमें एक यूपी और एक उत्तराखंड में हैं। देश में अब सिर्फ 1700 बाघ अब बचे हैं। इन बाघों में  करीब 500 नर हैं और 1200 मादा हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed