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हिंदुस्तानी कैदियों की कब्रगाह बनीं पाक जेलें

Wed, 05 Feb 2014 08:22 AM IST
योगेश नारायण दीक्षित/अमर उजाला, नई दिल्ली
योगेश नारायण दीक्षित/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 05 Feb 2014 08:22 AM IST
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one more indian found dead in pakistani jail

पाकिस्तान के कराची की एक जेल में किशोर भगवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत पाकिस्तानी जेलों में भारतीय कैदियों के साथ हो रहे अत्याचार का एक और सुबूत है।

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लाहौर की कोट लखपत जेल में जहां चमेल और सरबजीत की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, वहीं कराची की जेल में तो एक भारतीय युवक की करंट लगाकर हत्या का आरोप पाकिस्तानी जेल अफसरों पर लगा।
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हद तो ये है कि पिछले डेढ़ साल में मारे गए या मरे आधा दर्जन भारतीयों के शव लौटाने में भी पाक सरकार महीना बिता देती है ताकि भारत में दोबारा पोस्टमार्टम कराने के बाद भी ज्यादती के सुबूत न मिल सकें।

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आज तक नहीं मिला लाखा का शव

one more indian found dead in pakistani jail

पिछले साल चार जुलाई को साठ साल के मछुआरे दोडा भाई की कराची जेल में मौत हो गई। लंबी हीलाहवाली के बाद पाक सरकार ने 21 दिन बाद शव भारत को सौंपा।

इसके करीब छह महीने बाद बीती 19 दिसंबर को गुजरात के भीखा लाखा सियाल की उसी जेल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनकी 12 साल की बेटी ने प्रधानमंत्री तक को पत्र लिखा है, लेकिन पाक ने अभी तक शव नहीं सौंपा है।

इसी बीच, वसंत पंचमी की सुबह एक और गुजराती युवक का शव कराची की लांधी जेल में मिला।

डेढ़ साल के अंदर कराची में दोडा भाई, भीखा सियाल और किशोर भगवान व लाहौर में चमेल सिंह, सरबजीत और जाकिर अली की मौत साबित करती है कि पाक जेलों में भारतीय सुरक्षित नहीं हैं।

शव तो ला नहीं पाते, कैदियों को कैसे बचाएंगे!

one more indian found dead in pakistani jail

पाक जेल में एक और कैदी की मौत से सरबजीत का परिवार इस कदर आहत हुआ है कि उनकी बहन दलबीर कौर ने बुधवार को लुधियाना में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है।

उन्होंने अमर उजाला को फोन कर बताया कि वे भारत सरकार को नींद से जगाना चाहती हैं ताकि पाक जेलों में बंद भारतीयों की रिहाई के लिए वह ठोस कदम उठाए।

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