फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   one more indian company having black money in swiss account

बोरे बनाने वाली एमपी की कंपनी का स्विस बैंक में काला धन

Wed, 09 Sep 2015 01:07 PM IST
Updated Wed, 09 Sep 2015 01:07 PM IST
विज्ञापन
one more indian company having black money in swiss account

स्विट्जरलैंड सरकार ने काला धन मामले में मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित टेक्सटाइल कंपनी निओ कॉर्प इंटरनेशनल लिमिटेड का नाम सार्वजनिक किया है। भारत में कर अधिकारी इस कंपनी के खिलाफ काले धन के एक संदिग्ध मामले की जांच कर रहे हैं। स्विस सरकार का कहना है कि उसे भारत सरकार से इस कंपनी से जुड़ी सूचनाएं देने संबंधी अनुरोध मिला था।

विज्ञापन


निओ कॉर्प ने वर्ष 1985 में बोरी बुनने वाली एक छोटी कंपनी के तौर पर अपनी शुरुआत की थी और अब उसे एक मल्टीनेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल समूह के रूप में गिना जाता है।
विज्ञापन


टैक्स चोरी के आरोप में कंपनी के परिसरों पर फरवरी में आयकर अधिकारियों ने छापेमारी की थी। प्रशासनिक सहयोग और सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए स्विट्जरलैंड के साथ हुई द्विपक्षीय समझौते के तहत भारत ने कई लोगों और कंपनियों के बारे में जानकारी मांगी है। जानकारी साझा होने से भारत को स्विस बैंकों में जमा काले धन को वापस लाने में मदद मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

अब तक काला धन रखने वाले दर्जनों नामों का खुलासा

one more indian company having black money in swiss account

स्विस सरकार के प्रकाशित आधिकारिक गैजेट में निओ कॉर्प का नाम नया है। इस कंपनी के बारे में भारतीय कर अधिकारियों ने स्विट्जरलैंड सरकार से जानकारी मांगी थी। अब तक दर्जनों नामों का खुलासा स्विस सरकार कर चुकी है, जबकि कई अन्य अनुरोधों पर वह विचार कर रही हैं।

मंगलवार को प्रकाशित गैजेट के अनुसार, निओ कॉर्प इस कदम के खिलाफ 30 दिन के अंदर अपील कर सकेगी। स्विस सरकार के कदम के बारे में कंपनी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। हालांकि निओ कॉर्प ने इस साल मई में बांबे स्टॉक एक्सचेंज से कहा था कि वह कर अधिकारियों के साथ सहयोग कर रही है।

उस वक्त कंपनी ने कहा था कि 27 फरवरी 2015 को समूह की कंपनियों, निदेशकों और प्रमुख अधिकारियों के यहां छापेमारी की गई थी। कंपनी कर अधिकारियों द्वारा मांगी गई सभी जानकारियों को मुहैया करा रही है। निओ कॉर्प बीएसई में लिस्टेड है लेकिन पिछले कुछ दिनों के दौरान इसके शेयरों में तेजी से कमी आई है। कंपनी 28 से अधिक देशों में अपनी मौजूदगी का दावा करती है।

अवैध विदेशी परिसंपत्ति मिलने पर दर्ज होगा केस

one more indian company having black money in swiss account

काले धन मामले पर कड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर विभाग को निर्देश दिया है कि जिन लोगों के पास छुपाए गए पैसे या विदेश में अवैध संपत्ति का पता चलता है उनके खिलाफ अनिवार्य रूप से अदालत में मुकदमा करें।

आयकर विभाग के लिए नीति बनाने वाली इस शीर्ष इकाई ने हाल ही में देश के सभी आयकर कार्यालयों को इस संदर्भ में निर्देश भेजा है। सीबीडीटी ने विभाग को यह भी कहा है कि ऐसे मामलों में ‘जुर्माना लगा कर माफ करने (कंपाउंडिंग)’ का विचार बाद में ही किया जा सकता है।

ऐसे मामलों में आयकर अधिनियम 1961 के सुलह-समझौते (कंपाउंडिंग ऑफ ऑफेंस) के प्रावधानों के लागू होने में सीबीडीटी ने संदेह जताया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed