मोदी सरकार को मिली एक और नसीहत
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अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज की चेतावनी के बाद अब रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने भी धार्मिक असहिष्णुता को लेकर सरकार को सचेत किया है। उन्होंने कहा कि विचारों को बढ़ावा देने के लिए एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहिष्णुता जरूरी है।
किसी भी समूह के खिलाफ ताकत या अपशब्दों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। देश में बहस और सवाल-जवाब करने की परंपरा को आर्थिक विकास के लिए जरूरी बताते हुए राजन ने कहा कि किसी को भी ताकत के बल पर किसी खास विचार या विचारधारा को थोपने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
हाल की दादरी घटना और देश में बढ़ती असहिष्णुता के संदर्भ में राजन ने यह भी कहा कि देश के विकास के लिए सवाल उठाने और विरोध करने के अधिकार के संरक्षण की जरूरत है।
इसका मतलब चुप्पी साधना नहीं
उन्होंने कहा कि सहिष्णुता का मतलब यह नहीं है कि आप किसी विचार से
बेहद असुरक्षित होकर उस पर चुप्पी साध लें, बल्कि सहिष्णुता का मतलब यह है
कि उस विचार से असहमति जताते हुए उस पर सवाल उठाएं, जो गंभीर बहस के लिए
जरूरी है।
शनिवार को आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सहिष्णुता और परस्पर सम्मान के जरिए विचारों के
लिए बेहतर परिवेश बनाया जाए।