फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   once again sai baba in dispution.

साईं बाबा को नहीं जानती महाराष्ट्र सरकार

Mon, 25 Aug 2014 02:28 PM IST
Updated Mon, 25 Aug 2014 02:28 PM IST
विज्ञापन
once again sai baba in dispution.
शिरडी के साईं बाबा भगवान हैं या नहीं, इनकी पूजा की जा सकती है या नहीं। आखिरकार साईं बाबा कौन हैं। द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती द्वारा छेड़े गए इस विवाद का जवाब न तो महाराष्ट्र सरकार के पास है और न ही श्री साईं बाबा संस्थान के न्यास के पास।
विज्ञापन


सरकार का साफ कहना है कि साईं बाबा के संबंध में उसके पास कोई जानकारी नहीं है। उधर, छत्तीसगढ़ के कवर्धा में आयोजित दो दिवसीय धर्म संसद में अपना पक्ष रखने के लिए श्री साईं बाबा संस्थान न्यास को आमंत्रित किया गया लेकिन संस्थान का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ।
विज्ञापन

फिर उठी साईं की जांच की मांग

once again sai baba in dispution.

श्री साईं बाबा संस्थान न्यास का प्रबंधन सन् 2004 से महाराष्ट्र सरकार के पास है। पर, उनसे संबंधित कोई जानकारी सरकार के पास नहीं है। मुंबई में साईं धाम चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रबंध ट्रस्टी की आरटीआई से यह खुलासा हुआ है।

ट्रस्टी रमेश जोशी ने महाराष्ट्र के विधि व न्याय विभाग से साईं बाबा के जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी थी लेकिन विभाग ने अपने जवाब में कहा कि उसके पास कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

इसी तरह जोशी ने श्री साईं संस्थान से भी जानकारी मांगी लेकिन वही जवाब मिला। उन्होंने शंकराचार्य आश्रम से भी साईं के संबंध में जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में आश्रम ने कहा कि हिंदू धर्म में चारो वेद, 18 पुराणों को सुप्रीम कोर्ट ने मान्यता दी है।

इसके तहत भगवान की पूजा होती है लेकिन धर्म शास्त्र के तहत साईं बाबा की पूजा नहीं हो सकती। इसके बाद जोशी ने सरकार से साईं बाबा की जांच कराने की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed