जजों की नियुक्ति पर सरकार ने सियासी दलों को लिखा पत्र
हाईकोर्टों और सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति के मौजूदा कॉलेजियम व्यवस्था को हटाने के लिए लाए जाने वाले बिल पर सरकार ने सभी राजनीतिक दलों से मशविरा शुरू कर दिया है।
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं को चिट्ठी लिख कर सीनियर जजों की नियुक्ति के लिए एक कानून की जरूरत पर सलाह मांगी है।
सरकार ने यह पहल यूपीए सरकार की ओर से मद्रास हाई कोर्ट के एक जज को सेवा विस्तार देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम पर दबाव बनाने के खुलासे के बाद तेज कर दी है। इस जज पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे थे।
न्यायिक नियुक्ति आयोग लाने के पक्ष में सरकार
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर गोपाल सुब्रमण्यम को नियुक्त करने के लिए इसके कॉलेजियम की सिफारिश सरकार ने लौटा दी थी। इस मामले को देखते हुए भी अहम राजनीतिक दलों के नेताओं को लिखी गई प्रसाद की इस चिट्ठी का महत्व बढ़ गया है।
प्रसाद की चिट्ठी में कहा गया है कि सरकार राजनीतिक दलों और जाने-माने कानूनविदों से एक न्यायिक नियुक्ति आयोग गठित करने पर राय लेना चाहती है।
यह आयोग जजों को नियुक्ति करने के मौजूदा सिस्टम को हटा कर नया सिस्टम लागू करेगा। केंद्र इस संबंध में मौजूदा सत्र में बिल लाना चाहता है। इसके लिए एनडीए सरकार इस संबंध में इसके पहले यूपीए सरकार की ओर से लाए गए बिल में बदलाव लाना चाहती है।