'जिन्हें सूर्य नमस्कार नहीं पसंद वे समूद्र में डूब जाएं'
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अपने बयानों से चर्चा में बने रहने वाले गोरक्ष पीठाधीश्वर और भाजपा सांसद महंत आदित्यनाथ ने योग दिवस के मुद्दे पर कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सूर्य नमस्कार का विरोध करने वालों को परंपरा की समझ नहीं है।
उन्होंने कहा कि सूर्य ब्रह्मांड की ऊर्जा का स्रोत है। उस ऊर्जा का विरोध करने वाले भारत में रहने के काबिल नहीं। पीएम मोदी के आह्वान पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए दुनिया के 163 देश आगे आए हैं। इसमें 43 मुस्लिम राष्ट्र हैं। ऐसे में विरोध के स्वर फूटने से देश की प्रतिष्ठा पर आंच आएगी।
तीन दिनी रजत सिंहासन महोत्सव के आखिरी दिन अन्नपूर्णा दरबार में हाजिरी लगाने के बाद उन्होंने ये बातें समापन समारोह के दौरान कहीं।
अंधेरे कमरे में बिताए जीवन
योगी आदित्यनाथ ने ये भी कहा कि जिन्हें सूर्य नमस्कार और योग से दिक्कत है वो समुद्र में जाकर डूब जाएं। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान मंच से ही कहा कि ऐसे लोगों को अंधेरे कमरे में अपना जीवन बिताना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी 21 जून को योग दिवस का आयोजन होगा। इससे देश को उसकी प्रतिष्ठा प्राप्त होगी और यह एक प्राचीन विधा है जिसे मनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र भी आगे आया है।
उन्होंने कहा कि जो लोग सूर्य नमस्कार को साम्प्रदायिक कह रहे है उन्हें यह पता होना चाहिए कि भगवान सूर्य ने कभी भी अपने प्रकाश में किसी प्रकार के ऊंच नीच का भेद भाव नहीं किया है।