'मेक इन इंडिया' के जरिए जोशी का मोदी पर निशाना
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मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच वरिष्ठ भाजपा नेता डा. मुरली मनोहर जोशी ने सरकार को सतर्क करते हुए कहा है कि उसे पश्चिम की नकल नहीं बल्कि भारत मॉडल को बढ़ावा देने की कोशिश करनी चाहिए।
उनका कहना है कि सरकार का मेक इन इंडिया अभियान तो ठीक है लेकिन उसे मेड बाई इंडिया और मेड इन इंडिया पर ध्यान देना चाहिए। जोशी ने उम्मीद जताई है कि देश के आर्थिक विकास को लेकर छाई धुंध जल्द हटेगी।
मकर संक्रांति के मौके पर अपने आवास पर आयोजित मिलन समारोह में किसानों और व्यापारियों को संबोधित करते हुए भाजपा मार्गदर्शक मंडल के सदस्य जोशी ने कहा कि मेक इन इंडिया अभियान का लाभ चीन और अमेरिका सरीखे देश उठाएं, यह ठीक नहीं है। इस अभियान में देश के आम लोगों की भागीदारी होनी चाहिए और उनका हित सधना चाहिए।
भारत मॉडल को बढ़ावा दे सरकार: जोशी
भाजपा नेता का मानना है कि पश्चिम की नकल से भारत का भला नहीं हो सकता है। भारत को अपनी क्षमताओं के आधार पर ही विकास करना चाहिए।
रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि राजन कह चुके हैं कि चीन के मॉडल से भारत का विकास नहीं हो सकता है। ऐसा ही कई लोग कह चुके हैं कि पश्चिम का मॉडल भी काम का नहीं है।
भारत के अपने विकास मॉडल को उभार देने की वकालत करते हुए जोशी ने कहा कि इसके लिए दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद और दत्तोपंत ठेंगडी के विचार पर्याप्त हैं।
उन्होंने कहा कि आज विश्व के लोग वैज्ञानिक प्रमाणिकता की बात कर रहे हैं लेकिन हम पहले ही विकसित थे।
उन्होंने इस मौके पर मौजूद पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से आग्रह किया कि वे अपने कार्यालय में पुराण और वेदों में लिखे पर्यावरण हितैषी शुक्तियों की तख्ती मंत्रालय में लटकाएं। इस पर जावडे़कर ने आश्वस्त करते हुए कहा कि वे एक माह के भीतर इस काम को अंजाम दे देंगे।