योग दिवस पर दिखेगा ऐतिहासिक नजारा, जानिए क्या-क्या होगा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मांग पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने के बाद एनडीए सरकार इसे ऐतिहासिक बनाने की कोशिश में जुट गई है।
आयुष मंत्रालय ने 21 जून को देशभर में योग कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है। मंत्रालय चाहता है कि इस दिन समूचे भारत में एक ही समय पर योग किया जाए।
यह आयोजन इतना विशाल आयोजन हो कि इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया जा सके। मंत्रालय ने सबसे बड़ा आयोजन राजपथ पर करने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इसकी मंजूरी दे दी है।
सब कुछ ठीक रहा तो खुद प्रधानमंत्री मोदी इस मौके पर योगासन कर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को ऐतिहासिक बनाने की कोशिश करेंगे। इस मौके पर सिक्का और डाक टिकट जारी करने की भी योजना है।
सभी स्कूलों और विश्वविद्यालयों से योग शिविर आयोजित करने को कहा गया है। विज्ञान भवन में भी दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित करने की योजना है।
21 जून को राजपथ पर होगा बड़ा आयोजन
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र की आमसभा को संबोधित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। इस पर रिकार्ड सदस्य देशों की सहमति मिलने के बाद संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को इसे मनाने का ऐलान किया था। उसके बाद आयुष मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर एक कमेठी गठित की थी।
इसकी अध्यक्षता बंगलूरू के डॉ. एच आर नागेंद्र कर रहे हैं। कमेटी की बुधवार को हुई बैठक में सभी मंत्रालयों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया। इस आयोजन को लेकर गिनीज और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड से भी संपर्क किया गया है।
गिनीज बुक ने कुछ मानदंड दिए हैं, जिन्हें पूरा करने के बाद ही आयोजन को रिकॉर्ड बुक में दर्ज किया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी स्कूल और विश्वविद्यालयों को योग कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
डाक टिकट और सिक्के जारी करने की तैयारी
टेक महिंद्रा को बाकायदा इंटरनेट पोर्टल तैयार करने के लिए नियुक्त किया गया है, ताकि इंटरनेट पर इसका प्रचार किया जाए। आयुष मंत्रालय ने भी इसके लिए खास वेबसाइट तैयार की है।
विदेश मंत्रालय ने भी 25 मिनट का वृत्तचित्र तैयार किया है, जोकि दिखाता है कि दुनियाभर में किस तरह से योग लोकप्रिय हो रहा है।
33 मिनट का कार्यक्रम
भारत के अलावा 150 से ज्यादा भारतीय दूतावासों में 21 जून को योग का कार्यक्रम आयोजित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। 33 मिनट के योग सत्र के दौरान प्रार्थना से लेकर करीब 15 तरह के योगासन होंगे। इसमें प्राणायाम और नाड़ी शोधन भी शामिल है। इस दौरान छह मिनट का विशेष ध्यान सत्र भी होगा।