परिवार नियोजन पर मोदी का खास 'प्लान'
छत्तीसगढ़ में नसबंदी कैंप में हुए हादसे के बाद अब केंद्र सरकार आम जनता को परिवार नियोजन के मौजूदा सभी विकल्पों को एक साथ पेश करने पर विचार कर रही है। यह लोगों के विवेक पर होगा कि वे नियोजन के किस तरीके को चुनना चाहते हैं। फिलहाल इसके लिए छह विकल्पों का एक बास्केट तैयार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जल्द ही इस प्रस्ताव पर राज्यों और संबंधित तमाम पक्षकारों के साथ सलाह मशविरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर इन विकल्पों के प्रति जनता को जागरूक भी बनाया जाएगा।
फिलहाल सरकारी डिस्पेंसरी या स्वास्थ्य केंद्रों पर ऐसा कोई विकल्प जरूरतमंदों को नहीं दिया जाता है। साथ ही परिवार नियोजन के सभी तरीकों की जानकारी भी ज्यादातर लोगों को नहीं है।
जागरूकता पर खास जोर देगी सरकार
हालांकि निजी अस्पतालों में यह व्यवस्था पहले से मौजूद है। उन्होंने कहा कि गर्भनिरोधक गोलियों पर दंपति के निर्भर होने के बजाए दूरदराज के इलाकों में भी उन्हें कई विकल्प देने की योजना बनाई जा रही है।
फिलहाल देश में परिवार नियोजन के लिए गर्भनिरोधक दवाई, कंडोम, स्थायी सर्जरी, इंजेक्टेबल हारमोनल प्रोसेस और बच्चे के जन्म के साथ ही यूट्री डिवाइस के इस्तेमाल के विकल्प मौजूद हैं। लेकिन एक साथ यह सभी विकल्प जनता के सामने पेश नहीं किए जाते हैं।
दूरदराज के गांवों में फिलहाल आशा वर्कर के जरिए परिवार नियोजन को बढ़ावा देते हुए सरकार गर्भनिरोधक दवाइयों और कंडोम को घर-घर बांटने की योजना चला रही है। अब उन्हें परिवार नियोजन कार्यक्रम के विस्तार के लिए प्रशिक्षण देने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि वे नियोजन के सभी तरीकों के बारे में जरूरतमंदों को समझा सके।