फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   om prakash chautala convicted by delhi court for illegal recruitment of teachers, taken into custody

शिक्षक भर्ती घोटाले में चौटाला दोषी, हिरासत में लिए गए

Wed, 16 Jan 2013 05:51 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 16 Jan 2013 05:51 PM IST
विज्ञापन
om prakash chautala convicted by delhi court for illegal recruitment of teachers, taken into custody

सीबीआई की विशेष अदालत ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री व इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला, उनके बेटे व विधायक अजय चौटाला समेत 55 लोगों को शिक्षक भर्ती घोटाले में दोषी करार दिया।

विज्ञापन


सीबीआई के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार ने चौटाला, उनके बेटे और अन्य को हरियाणा में तीन हजार से अधिक जूनियर बेसिक ट्रेन्ड (जेबीटी) शिक्षकों की अवैध भर्ती मामले में भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी ठहराया।
विज्ञापन


न्यायालय के निर्णय के बाद सभी दोषियों को न्यायिक हिरासत में लिया गया। अदालत दोषियों को 22 जनवरी को सजा सुनाएगी। सजा पर बहस 17, 19 और 21 जनवरी को होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने आईपीसी की धारा 120-बी (अपराधिक के लिए जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज को मूल प्रति के रूप में इस्तेमाल करना) और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोप तय किए।

न्यायालय ने इस मामले में 17 दिसंबर को निर्णय सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में 62 आरोपियों में से छह की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी जबकि अदालत ने एक को बरी कर दिया था।

सीबीआई की विशेष अदालत ने इससे पहले ओमप्रकाश चौटाला, उनके बेटे अजय चौटाला, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संजय धर और संजीव कुमार तथा 51 अन्य लोगों के खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूत पाए थे।

अदालत ने आज इस घोटाला मामले में 16 महिलाओं सहित कुल 55 लोगों को दोषी ठहराया। अदालत में आज सुनवाई के दौरान दोषियों, उनके वकीलों, बचाव पक्ष के वकीलों और अदालत के कर्मचारियों के अलावा किसी को भी अंदर आने की इजाजत नहीं दी गई थी।

दोषियों के परिजनों और मीडियाकर्मियों को अदालत के बाहर रखा गया। सीबीआई ने छह जून 2008 को चौटाला और अन्य लोगों के खिलाफ इस संबंध में मामला दर्ज किया था। यह घोटाला वर्ष 1999-2000 के दौरान 3206 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती के दौरान किया गया था।

आरोपपत्र में कहा गया है कि शिक्षकों की दूसरी सूची यहां हरियाणा भवन में 18 जिलों की जिला स्तरीय समिति के अध्यक्षों और सदस्यों की बैठक बुलाकर बिना उचित प्रक्रिया के तैयार कर दी गई थी।


सीबीआई ने आरोप लगाया था कि चौटाला और उनके बेटे ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 3206 शिक्षकों की नियुक्ति की थी। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने 25 नवंबर 2003 को सीबीआई को इस मामले की जांच के आदेश दिए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed