फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   officers in trouble in amit shah chargesheet case.

शाह की चार्जशीट में अफसरों के छूटे पसीने

Fri, 12 Sep 2014 09:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Fri, 12 Sep 2014 09:02 AM IST
विज्ञापन
officers in trouble in amit shah chargesheet case.

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट को लेकर हुई फजीहत ने अफसरों को सांसत में डाल दिया है। मामला बिगड़ने के पीछे सीओ को कसूरवार माना जा रहा है। हालांकि कार्रवाई के नाम पर अफसर चुप्पी साधे हैं।

विज्ञापन


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ बुधवार को कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट को लेकर खाकी सवालों के घेरे में है। मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते पुलिस को अब जवाब देते नहीं बन रहा। विभागीय फजीहत के पीछे अफसर दबी जुबान से सीओ नई मंडी योगेंद्र सिंह को बड़ा कारण मान रहे हैं। दरअसल, सीओ ने बुधवार को चार्जशीट दाखिल होने के बाद टीवी चैनलों पर भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ कई और संगीन धाराएं बढ़ाए जाने का बयान दे दिया, जबकि कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट में केवल धारा 188 और 123/3 में ही आरोप पत्र लगाए गए।
विज्ञापन


एसएसपी एचएन सिंह ने बताया कि कोर्ट ने चार्जशीट में कुछ आपत्तियां लगाई हैं। अब मामले की पुन: विवेचना कराने के बाद इन खामियों को दूर किया जाएगा। उन्होंने मामले की विवेचना किसी अन्य थाने अथवा विवेचक से कराए जाने से इंकार किया है। उन्होंने सीओ नई मंडी योगेंद्र सिंह द्वारा निजी टीवी चैनलों को दिए गए बयान को गैर जिम्मेदाराना बताया, लेकिन उनके खिलाफ किसी तरह की विभागीय कार्रवाई से इंकार किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीएम कौशलराज शर्मा ने कहा कि अमित शाह के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट से वापस हो गई है। विवेचक की ओर से चार्जशीट में क्या खामियां बरती गईं, इसका अवलोकन किया जाएगा। मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।

धाराओं की सांप-सीढ़ी में उलझी पुलिस

officers in trouble in amit shah chargesheet case.

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर चार्जशीट लगाने के मामले में धाराओं की सांप-सीढ़ी में पुलिस उलझ कर रह गई। आईपीसी की धारा-188 में सक्षम अधिकारी ही परिवाद दायर करा सकता है, जबकि शाह मामले में विवेचक ने चार्जशीट दाखिल कर दी। धारा 173(2) का अनुपालन भी नहीं किया गया। इसी के चलते चार्जशीट को वापस कर दिया गया।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर चार्जशीट के हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस धाराओं की चाल नहीं समझ सकी। मजिस्ट्रेट ने विवेचक द्वारा दर्शाई गई आईपीसी की धारा 188 और 123(3) को उचित नहीं माना है। असलियत में धारा 144 का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति पर धारा 188 लगाई जाती है। इस धारा में आरोप पर चार्जशीट का प्रावधान नहीं है। वह अधिकारी जो निषेधाज्ञा लागू करता है, उसके द्वारा अथवा उससे बड़े अफसर की ओर से केवल परिवाद दायर कराया जा सकता है।

अदालत ने यह भी माना है कि अमित शाह के मामले में धारा 173(2) का अनुपालन नहीं किया गया है। यानि आरोपी के बयान नहीं लिए गए। कोर्ट में पेश करने की कवायद नहीं की गई। गिरफ्तारी के प्रयास भी नहीं हुए। मजिस्ट्रेट ने विवेचक द्वारा तैयार की गई चार्जशीट को विधि सम्मत नहीं मानते हुए अस्वीकार कर दिया। उधर, दिनभर कोर्ट परिसर में शाह पर चार्जशीट प्रकरण को लेकर गहमा-गहमी का माहौल रहा।

अमित शाह ने भी ली मामले की जानकारी

officers in trouble in amit shah chargesheet case.

चार्जशीट के हाईप्रोफाइल मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के मुकदमों में पैरवी करने वाले अधिवक्ता चंद्रवीर सिंह से बातचीत कर तथ्यों की जानकारी ली। अधिवक्ता ने चार्जशीट वापस हो जाने की बात बताई। बृहस्पतिवार की सुबह वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रवीर सिंह की मोबाइल पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से बातचीत हुई। शाह ने भावना पैलेस की सभा में दर्ज मुकदमे में दाखिल की गई चार्जशीट की जानकारी जुटाई। चंद्रवीर सिंह ने बताया कि संक्षिप्त बातचीत में भाजपा अध्यक्ष ने चार्जशीट के वास्तविक तथ्यों की बाबत जानकारी जुटाई है।

गलत लगाई गई चार्जशीट

अधिवक्ता चंद्रवीर सिंह का कहना है कि पुलिस ने गलत तरीके से चार्जशीट दाखिल की थी। विधि सम्मत नहीं होने के कारण कोर्ट ने इसे वापस कर दिया है। धारा-188 में केवल सक्षम प्राधिकारी ही परिवाद दायर करने का अधिकारी होता है।

क्या बोले एसपीओ?

शाह प्रकरण में अफवाहों और चर्चाओं का बाजार भी गरम रहा। दुपहर के समय बात चली कि एसीजेएम तृतीय की अदालत में चार्जशीट को लेकर सुनवाई हुई तथा एसपीओ ने पुलिस का पक्ष भी रखा है। उधर, एसपीओ डीसी श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष पर चार्जशीट के संबंध में किसी तरह की सुनवाई नहीं हुई और न ही वह इस बाबत कोर्ट में गए।

गृह मंत्रालय ने भी जुटाई जानकारी
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर चार्जशीट दाखिल करने और फिर वापस होने के मामले में गृह मंत्रालय ने भी खुफिया तरीके से जानकारी जुटाई है। बृहस्पतिवार को गुपचुप तरीके से दिल्ली से आए एक अधिकारी ने खुद को गृह मंत्रालय से बताते हुए चार्जशीट की बाबत मालूमात की। चार्जशीट की धाराएं और वर्तमान स्थिति की जानकारी लेकर वह लौट गए। हालांकि खुद को गृह मंत्रालय से बताने वाले अधिकारी को लेकर भी चर्चाएं रही।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed