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'टॉयलेट पेपर नहीं भेजा तो किया परेशान'

Tue, 07 Oct 2014 01:16 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 07 Oct 2014 01:16 PM IST
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officer allegedly punished for not supplying toilet paper to Rly chief’s home

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अरुनेंद्र कुमार पर उनके ही विभाग के एक अधिकारी अजय सिंह ने घर पर टॉयलेट पेपर न पहुंचाने पर परेशान करने का आरोप लगाया है।

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इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे में निदेशक स्तर पर तैनात अजय सिंह ने उत्तर रेलवे के चीफ मैकेनिकल इंजीनियर को एक पत्र लिखकर बोर्ड के चेयरमैन के खिलाफ शिकायत दी है।
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इस शिकायत में अजय सिंह ने लिखा है कि बोर्ड के चेयरमैन उन पर सही से काम न कर पाने और बिना किसी कारण के उनसे गैर जरूरी काम करवाते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने शिकायत में लिखा है कि चेयरमैन रेलवे का टॉयलेट पेपर अपने घर पहुंचाने के लिए बोलते हैं और न पहुंचाने पर उन्हें परेशान किया जाता है।

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टॉयलेट पेपर रेल यात्रियों के लिए है या अधिकारियों के लिए?

officer allegedly punished for not supplying toilet paper to Rly chief’s home

रिपोर्ट के अनुसार निदेशक स्तर के अधिकारी अजय सिंह ने शिकायत में बताया कि दिल्ली के मोतीबाग इलाके में मौजूद उनके आवास से 9 अगस्त को फोन आया जिसमें उन्हें टॉयलेट पेपर भेजने के लिए कहा गया।

अजय सिंह ने शिकायत में कहा कि उन्होंने टॉयलेट पेपर भेजने और उनकी पत्नी से मिलने से इनकार कर दिया क्योंकि रेलवे की टॉयलेट पेपर जैसी कई वस्तुएं रेल यात्रियों के लिए होते हैं अधिकारियों के लिए नहीं।

उन्होंने बताया कि उन्होंने टॉयलेट पेपर नहीं भेजा तो अब उन्हें परेशान किया जा रहा है। वहीं इन आरोपों का रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने आरोपों का खंडन किया है और अजय ‌सिंह की शिकायत का जवाब देने के लिए कहा है।

अरुणेंद्र ने दी सफाई

officer allegedly punished for not supplying toilet paper to Rly chief’s home

अपनी सफाई देते हुए अरुणेंद्र कुमार ने कहा कि अजय सिंह के आरोप निराधार हैं क्योंकि आज के जमाने किसी भी अधिकारी को टॉयलेट पेपर जैसी छोटी-मोटी चीजें रेलवे स्टोर से मंगाने की जरूरत नहीं है।

इतना ही नहीं वह अपने घर में टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल ही नहीं करते। उन्होंने कहा कहा कि अजय सिंह उनके पास वर्ल्ड बैंक की ओर से संचालित रेलवे प्रोक्योरमेंट ट्रेनिंग के लिए आए थे और दिल्ली में ही पोस्टिंग चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी ऐसे आरोप इसलिए लगाते हैं कि ताकि उनकी पोस्टिंग दिल्‍ली से बाहर न की जाए।

हालांकि अ‌जय सिंह ने पांच पेज के शिकायत पत्र में वह सभी तस्तावेज और सबूत दिए हैं जिनमें उनसे चेयरमैन के घर पर टॉयलेट पेपर भेजने के लिए कहा गया था और मना करने पर उत्तर रेलवे के कई बड़े अधिकारियों के फोन भी आए थे जिसमें चेयरमैन की बात मानने के लिए कहा गया था।

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