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रिश्वत लेते अफसर को रंगे हाथ दबोचा

Thu, 09 Oct 2014 09:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा Updated Thu, 09 Oct 2014 09:21 PM IST
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office arrested while taking bribe.

आगरा में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में वित्त एवं लेखाधिकारी (एओ) राकेशचंद्र मौर्य को सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने गुरुवार दोपहर रिटायर्ड शिक्षक से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। लेखाधिकारी ने शिक्षक से जीपीएफ की धनराशि का भुगतान करने की एवज में रिश्वत मांगी थी। नार्थ ईदगाह कालोनी स्थित विजिलेंस कार्यालय में पूछताछ के बाद आरोपी को शाहगंज थाना ले जाया गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

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ताजगंज के कछपुरा गांव निवासी नरायन सिंह गांव के जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक के पद से 30 जून 2014 को सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने बताया कि अपने देयकों के भुगतान के लिए बीएसए कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। उनकी पेंशन भी नहीं बनाई जा रही थी।
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जीपीएफ की धनराशि करीब 7.16 लाख का भुगतान बकाया था। इस धनराशि का चेक वित्त एवं लेखाधिकारी राकेशचंद्र मौर्य देते हैं। उन्होंने भुगतान करने के लिए 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी, लेकिन बाद में 50 हजार रुपये में काम करने की हामी भरी। रिटायर्ड शिक्षक ने 10 दिन पहले इसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) में की।
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एसपी विजिलेंस डा. रामसुरेश यादव ने बताया कि शिकायत पर गोपनीय जांच के बाद शासन से अनुमति मांगी गई। गुरुवार दोपहर तीन बजे शिक्षक नरायन सिंह विजिलेंस टीम के साथ 50 हजार रुपये लेकर बीएसए दफ्तर पहुंचे। यहां शिक्षक ने मौर्य को रिश्वत का पैसा दिया।

तभी विजिलेंस अधिकारियों ने मौर्य को रंगे हाथ पकड़ लिया। इससे कार्यालय में हड़कंप मच गया। एसपी विजिलेंस ने बताया कि शुक्रवार को मेरठ की कोर्ट में आरोपी को पेश किया जाएगा। आरोपी की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की जांच भी शुरू कर दी गई है।

उधर, लेखाधिकारी से परेशान अन्य शिक्षक भी शाहगंज थाने पहुंच गए। शिक्षकों ने विजिलेंस की कार्रवाई की सराहना की। शिक्षक भरत सिंह का आरोप था कि वे भी जून से अपने देयकों के भुगतान के लिए चक्कर काट रहे हैं। अधिकारी उनसे रिश्वत मांग रहा था।

दो दिन पहले ही पकड़ा जाता लेखाधिकारी

वित्त एवं लेखाधिकारी राकेशचंद्र मौर्य को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचने की तैयारी कई दिन से चल रही थी। दो दिन पहले भी विजिलेंस टीम शिकायतकर्ता शिक्षक के साथ बीएसए दफ्तर पहुंची थी। टीम ने अपना जाल बिछाया।


लेखाधिकारी के दफ्तर आने का कई घंटे तक इंतजार किया, लेकिन वह शाम चार बजे तक दफ्तर नहीं पहुंचा। गुरुवार को भी टीम सुबह से ही डेरा जमाए हुए थी। दोपहर तीन बजे के बाद आरोपी के दफ्तर पहुंचते ही पीड़ित लेखाधिकारी के कार्यालय में पहुंच गया।

विजिलेंस टीम में इंस्पेक्टर अभय सिंह, बलधारी सिंह व बल्केश्वरदास, अवधेश कुमार, हाकिम सिंह, सुभाषचंद्र, ओमप्रकाश, धर्मेंद्र गौतम शामिल रहे।

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