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विपक्षी दलों का अड़ंगा, बीमा बिल का लटकना लगभग तय

Tue, 25 Nov 2014 02:22 PM IST
Updated Tue, 25 Nov 2014 02:22 PM IST
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Insurance Bill Might Not Pass in Parliament Winter Session - Stuck in Opposition

बीमा विधेयक का लटकना अब तय माना जा रहा है। दरअसल, बीमा विधेयक पर विचार कर रही राज्यसभा की गठित चयन समिति अपनी तय समय सीमा के अंदर रिपोर्ट नहीं दे पा रही है।

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कमेटी ने अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए तय समय सीमा को 12 दिसंबर तक बढ़ाने की मांग की है जबकि विपक्ष अब बिल को रोकने की तैयारी में जुट गया है।

विपक्षी दलों ने कहा है कि इतने कम समय में रिपोर्ट आने का सवाल ही नहीं और बीच संसद के सत्र में उनके पास समिति की बैठकों में जाने का समय नहीं है। समय सीमा बढ़ाने की मांग और विपक्षी दलों के रुख के चलते विधेयक का लटकना तय माना जा रहा है।
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कांग्रेस, जदयू, सपा इस मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। चयन समिति को शीत सत्र के पहले हफ्ते के आखिरी दिन यानी शुक्रवार 28 नवंबर तक रिपोर्ट देनी थी। मगर समिति तय समय में रिपोर्ट नहीं दे पा रही है। इसलिए उसने इसके लिए 12 दिसंबर तक का समय मांगा है।

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समय सीमा बढ़ाने की मांग

Insurance Bill Might Not Pass in Parliament Winter Session - Stuck in Opposition

दूसरी तरफ चयन समिति के दो सदस्य मुख्तार अब्बास नकवी और जेपी नड्डा के केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद अब नए सदस्यों की नियुक्ति को लेकर राज्यसभा में मंगलवार को प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके बाद समिति के अध्यक्ष चंदन मित्रा को बैठक बुलानी होगी।

समिति में शामिल विपक्षी सदस्य इसी बात को लेकर पेंच फंसा रहे हैं। उनका कहना है कि बीच संसद सत्र में उनके पास बैठक में जाने का समय नहीं है। सरकार को उनसे बात करके ही आगे बढ़ना होगा।

समिति में शामिल जदयू सांसद के सी त्यागी ने कहा कि 2-3 हफ्तों और मौजूदा सत्र में विधेयक पर रिपोर्ट तैयार करना संभव नहीं है। विधेयक पर पैरा दर पैरा चर्चा होनी है। इसके लिए समय चाहिए। बीच सत्र में इसे लेकर कैसे अध्ययन किया जा सकता है? विरोधी दलों के बाकी सदस्य भी ऐसे ही अड़ंगा लगा रहे हैं।

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