फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   'obscene dance' at police function in up.

शर्मनाक: यूपी के थाने और जेल में बालाओं का अश्लील डांस

Wed, 20 Aug 2014 07:32 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 20 Aug 2014 07:32 AM IST
विज्ञापन
'obscene dance' at police function in up.

लखीमपुर खीरी के पलिया थाना में जन्माष्टमी पर थाने में नर्तकियों ने जमकर ठुमके लगाए। इस सूचना पर पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। एसपी अरविंद सेन ने भी मामले को संज्ञान में लेते हुए सीओ पलियाकलां को जांच के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


सोमवार की रात जन्माष्टमी पर पुलिस लाइंस समेत थानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। पता चला है कि इस दौरान पलिया थाने में हुए कार्यक्रम में नर्तकियों ने नृत्य किया था। कहा तो ये भी जा रहा है कि अश्लील नृत्य किया गया। स्थानीय पुलिस हालांकि इससे इनकार कर रही है लेकिन एसपी ने तत्काल पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश सीओ पलिया को दिए। इस बाबत थाने के प्रभारी निरीक्षक इंद्रदेव यादव ने बताया कि जन्माष्टमी पर थाने में भजन कार्यक्रम हुए थे, लेकिन नर्तकियों के नृत्य करने का आरोप निराधार है।
विज्ञापन


इस संबंध में वीडियो क्लीपिंग बनाए जाने की बाबत उनका कहना है कि यह किसी शातिर दिमाग का खेल है। क्लिपिंग को मिक्सिंग कर बनाया गया है। एसपी अरविंद सेन का कहना है कि थाने में नर्तकियों के नृत्य का मामला गंभीर है, इसलिए सीओ पलिया मार्कंडेय सिंह को जांच के निर्देश दिए हैं। मामला सच निकला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कैदियों की फरमाइश का गाना भी सुना दें...

'obscene dance' at police function in up.

अरे भाई, कैदियों की फरमाइश का गाना भी सुना दिया जाए। और ये क्या... इन बार बालाओं के लिए दर्शक पैसे क्यों नहीं निकाल रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में पैसा देना गुनाह नहीं है। ये बोल किसी आम जन के नहीं हैं। ये हैं जिला कारागार के डिप्टी जेलर रवींद्र सरोज के, जो श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर जिला कारागार के सामने आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर सोमवार रात जिला कारागार के ठीक सामने दुर्गा मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। हर वर्ष जिला कारागार के कर्मचारी और आसपास रहने वाले लोगों के सहयोग से ये कार्यक्रम होता है। इस दफा बार बालाओं को भी बुलाया गया था। रात नौ बजे के आसपास डांस शुरू हुआ। कार्यक्रम में जिला कारागार के डिप्टी जेलर रवींद्र सरोज भी पहुंच गए।

थोड़ी देर बाद उन्होंने दर्शक दीर्घा में कुर्सी पर बैठकर माइक मंगवाया और जेल के कैदियों द्वारा की गई फरमाइश बताते हुए एक फिल्मी गाना सुनाने की पेशकश की। फिर दर्शकों से बार बालाओं को पैसे देने की भी सिफारिश की। प्रत्यक्षदर्शी बता रहे हैं कि डिप्टी जेलर ने दर्शक दीर्घा में बैठे-बैठे एक गाना भी सुनाया। यह स्थिति देर रात तक बनी रही।

इस मामले में जब जेल अधीक्षक एके सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रम था। उसमें अगर डिप्टी जेलर शामिल हुए तो कोई गुनाह नहीं किया। कैदियों की फरमाइश और गाना गाने की बात पर जेल अधीक्षक चुप्पी साध गए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed