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विमान हादसा: दुनिया के निशाने पर रूस

Sat, 19 Jul 2014 01:37 PM IST
Updated Sat, 19 Jul 2014 01:37 PM IST
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obama blames russia-backed separatists for plane tragedy

मलयेशिया के विमान को मिसाइल से मार गिराए जाने की अमानवीय घटना के बाद पूरी दुनिया में रूस के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

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दुनिया भर के दिग्गज नेताओं ने रूस को हादसे का जिम्मेदार मानते हुए अंतरराष्ट्रीय एजेंसी द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग की है।

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रूस के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए इस मामले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहयोग मांगा है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से जांच कराने के मुद्दे पर शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र ने भी विशेष बैठक बुलाई।

शब्दों में बयां नहीं हो सकता हमारा गुस्सा: ओबामा

obama blames russia-backed separatists for plane tragedy

ओबामा ने रूस पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘सबूतों से संकेत मिलते हैं कि विमान को जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल से गिराया गया है। इस मिसाइल को यूक्रेन में रूसी समर्थक विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्र से दागा गया। यूक्रेन के अलगाववादियों को रूस इस तरह की मिसाइल मुहैया करा रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘हम यह भी जानते हैं कि रूसी समर्थक विद्रोहियों द्वारा पूर्वी यूक्रेन में विमान गिराने की यह पहली घटना नहीं है। इन विद्रोहियों को रूस से समर्थन मिल रहा है।’

ओबामा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस घटना से सतर्क होने की जरूरत है क्योंकि भविष्य में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि करीब 300 लोगों की मौत पर हमारा गुस्सा शब्दों में बयां नहीं हो सकता है। यह एक वैश्विक त्रासदी है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी द्वारा जांच होनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इसकी जांच का प्रस्ताव दिया है और हम इससे सहमत हैं। ओबामा ने साथ ही विद्रोहियों और यूक्रेन के बीच तुरंत सीज फायर का आह्वान किया है।

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दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग

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मलयेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक ने भी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने भी राष्ट्रीय सुरक्षा के मसले पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। जबकि ऑस्ट्रेलिया ने तो इस घटना को सीधे तौर पर अपराध बताया है और रूसी राजदूत को तलब किया है।

प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने कहा कि रूस इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। मास्को के साथ व्यापारिक संबंध रखने वाले जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने सीधे तौर रूस पर आरोप नहीं लगाए, लेकिन उन्होंने कहा कि इसका सर्वश्रेष्ठ हल विवाद को खत्म कर शांति स्थापित करना है। साफ तौर पर रूस की जिम्मेदारी बनती है।

यूक्रेन के प्रधानमंत्री अर्सेनिये यातसेनयुक ने कहा है कि इस घटना के पीछे रूस का ही हाथ है और हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्युनल को इस अपराध की जांच का जिम्मा सौंपा जाना चाहिए।

इस बीच, विमान के ब्लैक बॉक्स को लेकर भी यूक्रेन और विद्रोहियों में विवाद पैदा हो गया है। यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने दो ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिए हैं। जबकि दूसरी ओर रूसी समर्थक विद्रोहियों ने दावा किया है कि ब्लैक बॉक्स उनके पास है। इसकी जांच के लिए वे इसे मास्को भेजने की योजना बना रहे हैं।

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80 से ज्यादा बच्चों की मौत

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मलयेशियाई विमान में मारे गए 298 लोगों में 80 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं। अब तक 182 शवों को बरामद कर लिया गया है।

इसलिए है रूस पर शक
:- रूस निर्मित बक मिसाइल से किया गया हमला
:- रूस समर्थित विद्रोहियों के गढ़ में गिराया गया विमान
:- विद्रोहियों को हथियार मुहैया कराता रहा है रूस

एड्स से लड़ाई को करारा झटका

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एड्स से लड़ाई को करारा झटका लगा है। यूक्रेन-रूस सीमा पर मार गिराए गए मलयेशियाई विमान पर सवार 100 शीर्ष एड्स वैज्ञानिक भी मारे गए हैं।

ये वैज्ञानिक ऑस्ट्रेलिया में होने वाली ग्लोबल एड्स कांफ्रेंस 2014 में शिरकत करने मेलबर्न जा रहे थे। इंटरनेशनल एड्स सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष जोप लैंग भी इस विमान में सवार थे।

हालांकि विमान पर कितने साइंटिस्ट थे इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है, पर सिडनी में डेलीगेट्स को बताया गया कि ईमेल के आधार पर कहा जा सकता है कि हमले के शिकार मलयेशियाई विमान पर करीब 100 वैज्ञानिक सवार थे।

कनाडा के एचआईवी शोधकर्ता ट्रेवर स्ट्रैटन के अनुसार मारे गए वैज्ञानिकों में वे साइंटिस्ट भी थे जो एड्स से निपटने वाली वैक्सीन बनाने के बिल्कुल करीब थे।

विमान में सवार विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता ग्लेन थॉमस भी मारे गए हैं। ग्लेन भी 20वीं इंटरनेशनल एड्स कांफ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए मेलबर्न जा रहे थे। जेनेवा में यूएन हेल्थ एजेंसी के प्रवक्ता ने ग्लेन के इस विमान पर सवार होने की पुष्टि की है।

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