अमेरिकी अखबार ने फिर उड़ाया भारत का मजाक
अमेरिकी समाचार पत्र का एक कार्टून विवादों को न्योता दे सकता है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने जलवायु सम्मेलन में भारत के रुख पर टिप्पणी करते हुए एक कार्टून छापा है। कार्टून में भारत को जिस प्रकार दिखाया गया है, व्यंग्यात्मक कम और आपत्तिजनक अधिक है।
उल्लेखनीय है पेरिस जलवायु सम्मेलन में भारत का रुख है कि विकसित देश, जिनके यहां प्रतिव्यक्ति कार्बन उत्सर्जन का दुष्प्रभाव अधिक है, वे उत्सर्जन कटौती अधिक करें, जबकि विकासशील देशों पर कम बोझ डाला जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेरिस जलवायु सम्मेलन में दिए भाषण में कह चुके हैं कि भारत विकासशील देश है और उसे विकास का मौका दिया जाए। हालांकि विकसित देश भारत को राहत देने के लिए तैयार नहीं हैं। पश्चिमी मीडिया का कहना है कि भारत के रुख के कारण ही जलवायु के मसले पर ठोस समझौता नहीं हो पा रहा है।
पहले भी मजाक उड़ा चुका है ये अखबार
न्यूयॉर्क टाइम्स में छपे कॉर्टून में भारत को एक हाथी के रूप में दिखाया गया है, जो पेरिस जलवायु सम्मेलन की ट्रेन के आगे ट्रैक पर अड़कर बैठ गया है। कार्टून का शीर्षक है-पेरिस जलवायु सम्मेलन में भारत। कार्टून में जो ट्रेन के दिखाई गई है, उसमें कोयले का इंजन लगा है, यानी ये कार्बन उत्सर्जन क प्रतीक है।
कार्टून का आशय यह है कि कार्बन उत्सर्जन के लिए भारत जिम्मेदार है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत का मजाक पहली बार नहीं उड़ाया है। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में न्यूयॉर्क टाइॅम्स ने भारत के मंगल मिशन का मजाक उड़ाया था।
भारत ने उस समय मंगल ग्रह के लिए अपना मिशन रवाना किया था। मंगल ग्रह के लिए पहली बार ही सफल मिशन भेजना वाला भारत पहला देश बना था। उस समय न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक कार्टून छापा था, जिसमें गांव के एक आदमी अपने बैल के साथ एलीट स्पेश क्लब का दरवाज खटखटा रहा था।