इराक़ से लौटी नर्सों को मिलेगी नौकरी!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केरल के मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने पुष्टि की है कि इराकी सरकार ने भारतीय दूतावास को सूचित किया है कि तिकरित की नर्सों को बकाया वेतन मिलेगा।
उधर, केरल के बेहज़ाद समूह के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक पुरस्कार विजेता एनआरआई सीके मेनन ने सभी 46 नर्सों को तीन लाख रुपए देने की घोषणा की है।
चांडी ने कोच्चि से बीबीसी हिंदी को बताया, ''जिनका चार या दो महीने का वेतन बकाया था, उनमें से कुछ को अगले हफ़्ते तक यह राशि मिल जाएगी।
मेनन ने सभी 46 नर्सों को तीन-तीन लाख रुपए देने का फ़ैसला किया है।'' इन दो घोषणाओं से उन नर्सों को थोड़ी राहत मिली है जिन्होंने अपनी शिक्षा और इराक़ में नौकरी के लिए भर्ती एजेंटों को भुगतान करने के लिए कर्ज़ लिया था।
चार लाख रुपए का हो गया कर्जा
अधिकांश मामलों में उनका शिक्षा ऋण तीन लाख रुपए था, जो भुगतान न होने और ब्याज बढ़ने से चार लाख रुपए से अधिक हो गया।
एनआरआई द्वारा स्थापित अस्पताल समूहों ने न केवल भारतीय अस्पतालों बल्कि दुबई, शरजाह, मिस्र, नेपाल और आबू धाबी में इन नर्सों को नौकरियों की पेशकश की है।
अबू धाबी के बीआर शेट्टी ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स, संयुक्त अरब अमीरात के आज़ाद मोप्पन समूह और ओमान के एटलस समूह ने तिकरित में 26 दिन तक मुश्किल दौर से गुज़रने वाली सभी नर्सों के लिए रोज़गार की पेशकश की है।
नहीं मिल रहा है बहुत पैसा
मुख्यमंत्री कार्यालय में एक अधिकारी ने बताया, ''नर्सों ने अपने सीवी दिए हैं और हर अस्पताल समूहों में उपलब्ध विकल्पों पर चर्चा भी की है।
अब यह बात उनके और अस्पताल समूहों के बीच है।'' एनएमसी समूह के सीईओ बीआर शेट्टी ने लंदन से बीबीसी हिंदी को बताया, ''हम एक शर्त पर उन सबको नौकरी देने को तैयार हैं। उन्हें एक नर्सिंग लाइसेंस परीक्षा पास करनी होगी।''
इसके पीछे वजह यह है कि कुछ नर्सें सिर्फ़ डिप्लोमाधारी हैं, कुछ के पास डिग्री हैं और कुछ के पास डिप्लोमा के अलावा 7-8 साल का अनुभव भी है।
एक नर्स ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बीबीसी से कहा, ''मस्कट ग्रुप सिर्फ़ 258 ओमानी रियाल ही दे रहा है। जो हमारे लिए काफ़ी नहीं होगा. इसलिए मुझे इस पेशकश को कुबूल करने से पहले सोचना होगा।''