फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   NSA talk : bihar election create Stringent attitude of modi

NSA बातचीत: बिहार चुनाव आ रहा मोदी के आड़े!

Sat, 22 Aug 2015 11:04 AM IST
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 22 Aug 2015 11:04 AM IST
विज्ञापन
NSA talk : bihar election create Stringent attitude of modi

हुर्रियत नेताओं से मुलाकात करने की पाकिस्तान की जिद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास नरम होने की सियासी गुंजाइश बची नहीं है।

विज्ञापन


बिगड़े पड़ोसी की आंखों में आंखें डाल कर बात करने का दम भर कर सत्ता में पहुंचे मोदी अब पीएम बनने के बाद एक सीमा से ज्यादा नरम होने का जोखिम नहीं उठा सकते।

वह भी तब जब बिहार विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और वार्ता के सवाल पर खुद मोदी विपक्ष के तीखे सियासी हमले झेल रहे हैं। सरकार को लगता है कि हुर्रियत नेताओं से बातचीत पर अड़ने के बावजूद पाकिस्तान से वार्ता करने का मुद्दा विपक्ष बिहार चुनावों में उठा सकता है।
विज्ञापन

आ सकती है छवि पर आंच

NSA talk : bihar election create Stringent attitude of modi

ऐसे में लचीलापन दिखाने की गुंजाइश सरकार के पास नहीं है। पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज को हुर्रियत नेताओं से बातचीत करने का अगर मोदी सरकार मौका देती है तो उनके मजबूत प्रधानमंत्री होने की छवि पर आंच आनी ही है।

पिछले साल विदेश सचिव स्तर की वार्ता के दौरान भी पीएम मोदी कुछ इसी तरह से विपक्ष के सियासी हमले का शिकार हो रहे थे। तब भी उन्होंने अपनी सियासी इमेज के प्रति सतर्कता बरतते हुए हुर्रियत नेताओं से मुलाकात के सवाल पर पाक से वार्ता रद्द कर दी थी।

अब जबकि सिर पर बिहार विधानसभा चुनाव है, तब मोदी फिर से उन्हीं सियासी परिस्थितियों से दो चार हो रहे हैं। कांग्रेस पहले से ही पाकिस्तान को लेकर मोदी सरकार की नीति पर सवाल उठा रही है और एनएसए वार्ता रद्द करने की वकालत कर रही है।

पहले भी रहे हैं सवालिया निशान

NSA talk : bihar election create Stringent attitude of modi

पाकिस्तान की ओर से सीज फायर का उल्लंघन, सीमा पार से बढ़ रही घुसपैठ, पंजाब के गुरदासपुर में आतंकी हमला और जम्मू कश्मीर के उधमपुर में आतंकी वारदात में पाकिस्तान आतंकी के पकड़े जाने जैसी घटनाओं को लेकर सरकार पर विपक्ष लगातार हमले कर रहा है।

मुंबई हमलों के आरोपी हाफिज सईद और जकीउ रहमान लखवी पर पाकिस्तान कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। पाकिस्तान को लेकर मोदी सरकार की विदेश नीति पर पहले से ही सवालिया निशान लग रहे हैं।

यही वजह रही कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से भाषण के दौरान मोदी ने विदेश नीति का कोई जिक्र ही नहीं किया। जब वह भाषण दे रहे थे तो तब भी सीमा पार पर पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी जारी थी।

इसके बावजूद वह चुप रहे। साथ ही उफा में बातचीत के लिए आगे बढ़ने को लेकर भी विपक्ष ने प्रधानमंत्री पर हमला किया। मगर हुरिर्यत नेताओं से बातचीत को लेकर अड़े पाकिस्तान को जवाब देने के लिए सरकार अब तैयार हो गई है क्योंकि पीएम मोदी के पास पाकिस्तान के साथ इससे ज्यादा नरमी से डील करने की सियासी गुंजाइश नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed