'NSA वार्ता मोदी सरकार का सबसे बड़ा विश्वासघात'
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बैंकॉक में हुई भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बातचीत को कांग्रेस पार्टी ने ‘बड़ा विश्वासघात’ बताया है। कांग्रेस के नेता मनीष तिवारी ने कहा, ‘यह एक बड़ा विश्वासघात है।
यह वैसी हर बात के साथ विश्वासघात है जिसका सरकार ने प्रत्यक्ष रूप से सार्वजनिक तौर पर समर्थन किया है।’
उन्होंने कहा कि अगर सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड के देखें तो पिछले 18 महीने में पाकिस्तान नीति बेतुकी रही है, कलाबाजी खाने जैसी रही है और 180 डिग्री पर यू टर्न लेने वाली रही है। निश्चित रूप से यह चरम है।
भटकाने के लिए तो नहीं है ये बातचीत
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘एनएसए स्तर की
बातचीत ये यह सवाल भी उठता है कि कहीं मोदी सरकार का यह प्रयास देश का
ध्यान राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों से भटकाने के लिए तो नहीं है।’
जम्मू
और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस बातचीत का स्वागत किया
है। उन्होंने कहा कि मीडिया की निगाह में आए बिना बातचीत से मसलों का हल
निकालने में प्रगति हो सकती है।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘अच्छा लगा कि भारत
और पाकिस्तान ने बातचीत की प्रक्रिया फिर से शुरू की है।’