'मोदी प्रधानमंत्री बनें, अमेरिका अपने आप उन्हें वीजा देगा'
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वाशिंगटन से लगभग 130 मील दूर वर्जीनिया राज्य का शहर रिचमंड भारतीयों के बीच खासा लोकप्रिय है। हालांकि न्यूजर्सी या वाशिंगटन की तुलना में यहां भारतीयों की संख्या कुछ कम है। फिर भी तीस हजार हिंदुस्तानी हैं जो या तो आईटी प्रोफेशनल, इंश्योरेंस सेक्टर में काम करने वाले या फिर चिकित्सक हैं।
यहां के हिंदुस्तानी काफी समृद्ध हैं साथ ही भारत के प्रति काफी जुड़ाव महसूस करते हैं। एकल विद्यालयों के माध्यम से भारत की आदिवासी जनता को शिक्षित करने जैसे कामों में यहां के लोग बहुत ही सहयोग करते हैं।
हिंदुस्तान में चल रहे चुनावों की बयार से यहां रह रहे भारतीय भी अछूते नहीं हैं। यहां भी इस समय चर्चा में नरेंद्र मोदी, अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी ही रहते है। अलबत्ता क्षेत्रीय दलों की चर्चा यहां लोग नहीं करते उनको हिंदुस्तान की औद्योगिक, निवेश और विदेश नीति से मतलब है।
मोदी के वीजा को लेकर भारतीय अमेरिका से नाराज
यहां के कुछ अप्रवासी भारतीय अपने देश में निवेश करने को लालायित हैं पर वो चुनाव परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। राजस्थान के चित्तौड़ के मूल निवासी डॉ. सूर्य प्रकाश धाकड़ यहां के मशहूर दंत चिकित्सकों में गिने जाते हैं। उनकी चाहत हिंदुस्तान में एक अत्याधुनिक डेंटल हॉस्पिटल खोलने की है। पर वे हिंदुस्तान में लालफीताशाही से दुखी हैं।
कहते हैं, मोदी के गुजरात मॉडल की सफलता और लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें हिंदुस्तान को एक बार आजमाना चाहिए। अपने व्यस्त कार्यों के बीच डॉ धाकड़ रोजाना 3 से 4 घंटे भारत की खबरें देखते हैं। हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी नजर रहती है।
एक कवि सम्मलेन के दौरान भोज में मैंने लगभग 200 लोगों से बातचीत की और भारत के प्रति उनका नजरिया जानने की कोशिश की तो स्पष्ट दिखाई दिया की मोदी के वीजा को लेकर यहां का भारतीय अमेरिका से नाराज है और इंतजार कर रहा है की कब मोदी प्रधानमंत्री बने और अमेरिका अपने आप उनको वीजा दे।
केजरीवाल के प्रशंसकों की भी अमेरिका में नहीं कमी
हिंदुस्तान से 30 साल पहले रिचमंड आए डॉ. राज दुबे गोरखपुर के हैं। अभी महज 3 दिन पहले ही घर से वापस लौटे हैं। कहते हैं, पिता जी के निधन के कारण घर गया था।
चुनावी चर्चा छिड़ते ही कहते हैं, बड़ा अद्भुत चुनावी माहौल है देश में। योगी आदित्यनाथ का प्रभाव उन्हें आश्चर्यचकित करता रहा। चर्चाओं का दौर बढ़ा तो बोले, हिंदुस्तान में ऐसी सरकार चाहिए जो ईमानदार हो और देश के विकास की बात करे।
केजरीवाल का पूरा समर्थन तो नहीं करते दिखे पर अलबत्ता उनकी प्रशंसा करने में पीछे नहीं रहे। कहा, अरविंद केजरीवाल ने देश को ईमानदारी के प्रति जागरूक करने का पहला कदम तो उठाया ही है, यूथ जागरूक हो रहा है और वही परिवर्तन लाएगा।
राजस्थान के ही लोकेश गोलिया आईटी सेक्टर में बड़ी पोस्ट पर हैं। वे बिना किसी लाग लपेट के कहते हैं मोदी को ही भारत का प्रधानमंत्री बनना चाहिए। पलवल हरियाणा के राजेश भी मोदी की वकालत कर रहे हैं।
नेताओं ने घोटाले किए, कांग्रेस ने तो नहीं किए
रिचमंड शहर में ‘अनोखा’ नाम से भारतीय व्यंजन वाला रेस्टोरेंट चला रहे पंजाब के जस्सी जी कांग्रेस के समर्थक हैं उनका कहना है कांग्रेस ही एक ऐसी पार्टी है जिसमें गुंडे नहीं हैं। पार्टी का नजरिया साफ है। वह न तो जाति की राजनीति करती है न ही मजहब की, उसका एजेंडा हमेशा देश की प्रगति ही रहा है।
कांग्रेस शासन में हुए घोटालों पर जस्सी कहते हैं- घोटाले व्यक्ति ने किए पार्टी ने नहीं। जिन लोगों ने ऐसा किया कोर्ट ने उनको सजा दी है। डॉ. राज दुबे के पुत्र 20 वर्षीय निशांत जिनको सब प्यार से निक्की कहते हैं, हिंदी लिख पढ़ तो नहीं पाते पर बोलते फर्राटे से हैं। समझते खूब आसानी से हैं।
वे भी भारत में मोदी सरकार चाहते हैं। कारण साफ तो नहीं बता पाते पर उनको लगता है हिंदुस्तान को मोदी जैसे किसी नेता की जरूरत है। वहीं, निशांत अखिलेश यादव के भी बड़े प्रशंसक हैं। युवाओं को लैपटॉप बांटने को वे सही बताते हैं। उनका कहना है कि जब किसी के पास कोई मशीनरी आ जाती है तो वो उसका इस्तेमाल सीखने की कोशिश करता है। कुछ प्रतिशत स्टूडेंट्स के बीच भले ही लैपटॉप यूजफुल न हों पर धीरे-धीरे यह पिक करेगा।