अब तेज होगी हथियारों की खरीद
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सरकार ने सैनिक साजो-सामानों की धीमी खरीद प्रक्रिया पर चिंता जताई है। रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने सेना में तमाम हथियार प्रणालियों के शामिल होने की प्रक्रिया में देरी पर चिंता जताई है और कहा है अब इसमें तेजी लाई जाएगी।
नौसैनिक कमांडरों की कांफ्रेंस में जेटली ने रक्षा बजट में बढ़ोतरी के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि तमाम दबावों को बावजूद देश के वित्तीय संसाधनों का एक अहम हिस्सा देश की रक्षा पर खर्च करना होगा।
लेकिन इस समय चिंता की बड़ी बात यह है देश के लिए सैनिक साजोसामान की खरीद प्रक्रि या में देरी हो रही है। जो भी हथियार और प्रणालियां जरूरी हैं उनकी खरीद की प्रक्रि या तेज होनी चाहिए।
बड़े स्तर पर खरीदे जाएंगे हथियार
सरकार इस दिशा में काम करने के लिए तैयार है। नौसेना के आला अफसरों से बातचीत के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि सरकार कई फैसले करने की प्रक्रिया में है। इसमें तेजी आने की पूरी संभावना है।
नौसेना में कई खरीद परियोजनाएं अटकी प़ड़ी हैं। दरअसल धीमी खरीद की वजह से इसे कई आधुनिक हथियार प्रणालियां नहीं मिल पा रही हैं। इसमें 6000 करोड़ रुपये की 16 मल्टीरोल हेलीकॉप्टरों की खरीद भी शामिल है।
स्कोरपिन पनडुब्बियों के लिए टोरपिडो की खरीद भी रूकी हुई है। प्रोजेक्ट-75 इंडिया के तहत छह नई पनडुब्बियां खरीदने की प्रक्रिया का इसका टेंडर भी लटका हुआ है। एक लाख करोड़ रुपये की इन पनडुब्बियों की खरीद अब भी रुकी हुई है। सरकार ने 1999 के एक फैसले में पनडुब्बियों का निर्माण स्वदेशी तकनीक से ही करने को कहा था।