बड़ी पहल: छात्र-छात्राओं के साथ पढ़ेंगे थर्ड जेंडर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राथमिक विद्यालयों में अब थर्ड जेंडर (किन्नर) भी आम छात्र-छात्राओं के साथ पढ़ सकेंगे। यही नहीं दाखिले के फार्म में उनके लिए थर्ड जेंडर नाम से कैटेगरी भी बढ़ाई गई है। बीएसए देवरिया ने इनका दाखिला करने में आनाकानी या भेदभाव बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
बेसिक शिक्षा सचिव एचएल गुप्त ने नौ जून को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। प्रदेश के सभी बीएसए को भेजे गए आदेश में प्राथमिक विद्यालयों में थर्ड जेंडर का नामांकन कराने को कहा गया है।
ये विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के साथ ही बैठेंगे। इनसे किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। स्कूल में छात्र-छात्राओं को मिलने वाली सुविधा के बराबर ही उनको भी सुविधा दी जाएगी। सचिव के आदेश के बाद शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने थर्ड जेंडर की खोज शुरू कर दी है।
कक्षा एक से तीन तक थर्ड जेंडर का नामांकन
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिन पूर्व थर्ड जेंडर यानी तृतीय लिंग के अधिकारों के संबंध में आदेश दिया था। मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार ने भी इस पर अमल किया। 10 जून 2014 को नि:शुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत थर्ड जेंडर का प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन कराने का आदेश जारी कर दिया गया है।
बेसिक शिक्षा सचिव के आदेश के अनुसार थर्ड जेंडर का नामांकन कक्षा एक से तीन तक में ही किया जाएगा। इसके बाद वह हर वर्ष आगे की कक्षाओं में जाएंगे।
'प्राथमिक विद्यालयों में थर्ड जेंडर को पढ़ाने का आदेश मिला है। जिले में थर्ड जेंडर की खोज कर उनका नामांकन प्राथमिक विद्यालयों में कराया जाएगा। उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। छात्र-छात्राओं के साथ बैठकर वह भी पढ़ाई करेंगे।'
-मनोज कुमार मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, देवरिया