गडकरी के बाद अब राजनाथ-सुषमा की जासूसी!
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ग्रामीण विकास मंत्री नितिन गडकरी की कथित जासूसी मामले में मोदी सरकार बुरी तरह घिरती नजर आ रही है। गडकरी के बाद अब गृह मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सहित कुछ अन्य नेताओं की भी जासूसी की चर्चा से सरकार की परेशानी बढ़ गई है।
चर्चा यह भी है कि गडकरी ने जासूसी उपकरण बरामद होने के बाद मुंबई की एक निजी जासूसी संस्था से मामले की जांच करा कर पीएमओ को जानकारी दी थी।
हालांकि इस मामले के तूल पकड़ने के बावजूद जहां सरकार चुप है और भाजपा इसे निराधार बता रही है। जबकि भाजपा के ही वरिष्ठ नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी लगातार पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की जासूसी का आरोप लगा रहे हैं।
कांग्रेस ने की मामले की जांच की मांग
उधर, कांग्रेस इसे भाजपा की अंदरूनी खींचतान का नतीजा बता कर इस मामले की जांच कराने की मांग कर रही है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से जांच की मांग के बाद आगामी बुधवार को इस मामले को संसद के दोनों सदनों में उठना तय है।
एनसीपी तो बीते रविवार को ही इस मामले को संसद में उठाने की घोषणा कर चुकी है। उल्लेखनीय है कि एक अंग्रेजी साप्ताहिक पत्रिका ने खुलासा किया था कि गडकरी के तीन मूर्ति स्थित सरकारी आवास से जासूसी उपकरण बरामद हुए थे। ये उच्च क्षमता वाले लिसनिंग डिवाइस थे, जिसे आम तौर पर विकसित देशों की खुफिया एजेंसियां इस्तेमाल करती आई है।