विकलांगों के लिए मोदी सरकार की खास पहल
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विकलांगों के लिए जारी होने वाला स्मार्ट पहचान कार्ड भविष्य में उनके लिए विकलांगता प्रमाण पत्र भी होगा।
आधार डाटाबेस के जरिए तैयार होने वाले नए स्मार्ट कार्ड को पेश करने का मसौदा सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय ने तैयार कर लिया है। इसे जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जाएगा।
नई तकनीक के सहारे तैयार होने वाले पहचान पत्र पर विकलांगता का प्रकार और प्रतिशत के साथ उनसे संबंधित जरूरी जानकारियां मौजूद होंगी।
इसके जरिए वे सरकारी सुविधाओं का पर्याप्त लाभ उठा सकेंगे। तो दूसरी ओर पहचान पत्र को विकलांगता सर्टिफिकेट में बदलने से कागजी कार्यवाही में कमी आएगी।
विकलांगों को दस्तावेजों की कई प्रतियां रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भविष्य में उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए एकमात्र स्मार्ट पहचान पत्र महत्वपूर्ण दस्तावेज का काम करेगा।
नए स्मार्ट पहचान पत्र की तैयारी
अधिकारी ने बताया कि पहचान पत्र पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के डिजीटल हस्ताक्षर होंगे। निशक्तजन के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लगाया जाएगा।
ऐसे निशक्त जिनका ईलाज संभव नहीं है, उनके लिए यह लाइफ टाइम कार्ड होगा। जबकि अस्थाई विकलांगता झेल रहे लोगों के लिए कार्ड की वैधता कुछ खास समय के लिए ही होगी।
इस पर कार्ड धारक का पेशा, शिक्षा, पता, बैंक खाता नंबर और विकलांग प्रमाण पत्र का विस्तृत ब्योरा शामिल होगा। गौरतलब है कि अब तक देश में करीब 10 लाख 53 हजार से अधिक निशक्तजनों को विकलांगता सर्टिफिकेट जारी किया जा चुका है। जबकि 16 लाख से अधिक विकलांगों ने प्रमाण पत्र के लिए आवेदन नहीं किया है। महत्वपूर्ण है कि कई राज्यों में निशक्तजनों के पास अवैध प्रमाण पत्र पाए गए हैं। इस वजह से उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्मार्टकार्ड के लिए आधार अनिवार्य होगा
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगर किसी के पास आधार संख्या नहीं है तो देश भर में कैंप लगाकर उन्हें आधार पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
आधार के जरिए विकलांगों के नाम, पते और बैंक खाता संबंधी जानकारी आसानी से हासिल हो सकेगा।