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व्हाट्सएप इस्तेमाल करने वालों के लिए है बुरी खबर!

Sat, 18 Jul 2015 01:17 PM IST
Updated Sat, 18 Jul 2015 01:17 PM IST
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No more free local calls from Whatsapp and Skype!

अब वह दिन दूर नहीं जब आपको व्हाट्सएएप, स्काइप जैसे एप्स से लोकल कॉल करने के लिए जेब हल्की करनी पड़े।

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नेट न्यूट्रेलिटी पर गठित सरकारी समिति ने इंटरनेट से की जाने वाली घरेलू कॉल और दूरसंचार कंपनियों के माध्यम से होने वाली कॉल के साथ एक जैसा व्यवहार करने का सुझाव दिया है।

समिति ने कहा है कि स्काइप, व्हाट्सएप और वाइबर जैसे एप्लीकेशन से की जाने वाली इंटरनेट आधारित घरेलू कॉल का का रेगुलेशन होना चाहिए।

ओवर द टॉप अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग सर्विस में नरम रुख अपनाया जा सकता है लेकिन घरेलू कॉल के मामले में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं और ओटीटी द्वारा दी जा रही संचार सेवाओं के साथ समान व्यवहार किया जाए।
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जीरो रेटिंग समेत टैरिफ प्लान से जुड़े मामलों के लिए समिति ने दो मॉडल प्रस्तावित किए हैं। समिति ने इस मामले में 15 अगस्त तक सुझाव मांगे हैं।

फेसबुक को समिति ने दिया झटका

No more free local calls from Whatsapp and Skype!

समिति ने फेसबुक को झटका देते हुए इसके इंटरनेट डॉट ओआरजी को नेट न्यूट्रेलिटी के खिलाफ बताया है। वहीं ट्राई की पूर्व सहमति से एयरटेल जीरो जैसे प्लान को अनुमति देने की बात कही है।

इंटरनेट डॉट ओआरजी जैसे प्रोजेक्ट का यह कहते हुए विरोध किया गया है कि इनसे मोबाइल डाटा चार्ज के बिना ही कुछ वेबसाइट तक पहुंचा जा सकता है। इंटरनेट डॉट ओआरजी के यूजर्स अप्रैल, 2015 तक कुछ वेबसाइट का फ्री एक्‍सेस कर सकते थे।

ये वेबसाइट तय करने का अधिकार फेसबुक के पास था। समिति ने इसे नेट न्यूट्रेलिटी का उल्लंघन मानते हुए कहा है कि टेलीकॉम ऑपरेटर और कंटेंट प्रोवाइडर्स के बीच इस तरह के गठजोड़ को हतोत्साहित करना चाहिए। हालांकि पैनल ने टेलीकॉम ऑपरेटरों द्वारा जीरो रेटिंग प्लेटफार्म की तुलना टोल फ्री नंबर से किए जाने के बाद इसको अनुमति दिए जाने की मंजूरी दे दी है।

समिति के अनुसार टैरिफ प्लान बनाते समय कई तरह की संभावनाएं होती हैं। सभी को पहले ही नेट न्यूट्रेलिटी की कसौटी पर नहीं कसा जा सकता है।

वहीं सरकारी समिति की रिपोर्ट के खिलाफ फेसबुक ने इंटरनेट डाट ओआरजी का बचाव किया है। कंपनी के मोबाइल एंड ग्लोबल एक्‍सेस के वाइस प्रेसीडेंट केविन मार्टिन ने कहा कि यह एप्लीकेशन सस्ती इंटरनेट सुविधा पाने के लिए एक दरवाजे का काम करता है। फेसबुक नेट न्यूट्रेलिटी के समर्थन में है।

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