नेहरू-गांधी की जगह अब मुखर्जी-उपाध्याय युग
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मोदी सरकार ने अपने पहले ही आम बजट के जरिए नेहरू-गांधी युग के इतर दक्षिणपंथी विचारधारा को रास आने वाले व्यक्तित्वों की ओर बढ़ने का साफ संदेश दे दिया।
बृहस्पतिवार को पेश किए गए आम बजट में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर चल रही एक योजना को जनसंघ के अध्यक्ष रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम कर दिया गया।
जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी, कांग्रेस के अध्यक्ष रहे पंडित मदन मोहन मालवीय, जनसंघ का जनता पार्टी में विलय कराने वाले संपूर्ण क्रांति के प्रणेता जयप्रकाश नारायण के नाम पर नई योजना शुरू करने की घोषणा की गई है।
आम बजट में गुजरात में तैयार की जा रही सरदार पटेल की विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा के निर्माण के लिए 200 करोड़ की केंद्रीय मदद का प्रावधान भी किया गया है।
नेहरू-गांधी युग को पीछे छोड़ने की योजना!
नई सरकार का बजट के माध्यम से दक्षिणपंथी राजनीति को रास आने वाले व्यक्तित्वों को दिए गए महत्व को नेहरू-गांधी युग को पीछे छोड़ने की योजना के पहले कदम के रूप में देखा जा रहा है।
आम बजट में न केवल दक्षिण पंथ की राजनीति को धार देने वाली शख्सियतों को खास तवज्जो दी गई है, बल्कि ऐसे व्यक्तित्वों को भी खासा महत्व दिया गया है, जिनके नाम दक्षिणपंथी राजनीति को रास आते रहे हैं।
मसलन ग्रामीण क्षेत्र में विद्युतीकरण संबंधी राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का नाम बदलकर सरकार ने दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना कर दिया है। इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है।
जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रुर्बन मिशन योजना शुरू करने की घोषणा की गई है। इस नई योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शहर की तरह सुविधा उपलब्ध कराने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
जेपी के नाम पर खुलेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
इसी प्रकार कांग्रेस अध्यक्ष रहे पंडित मदन मोहन मालवीय के नाम से प्राथमिक शिक्षा से जुड़े शिक्षकों को नया प्रशिक्षण और इसके लिए उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 500 करोड़ की मालवीय नव अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की गई है।
आपातकाल के खिलाफ संपूर्ण क्रांति के प्रणेता रहे जेपी के नाम पर भोपाल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संस्थान की स्थापना की घोषणा की गई है।
खास बात दक्षिणपंथी ताकतों के बड़े आइकन रहे देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा निर्माण की योजना में केंद्र सरकार की 200 करोड़ की आर्थिक मदद की घोषणा है।
उल्लेखनीय है कि आम चुनाव के प्रचार के दौरान मोदी ने सरदार पटेल के नाम पर स्टे्च्यू ऑफ यूनिटी का बिगुल बजाया था। प्रचार के दौरान मोदी ने पटेल के बहाने नेहरू पर तीखा निशाना साधा था।