अमेरिका में फंसे हजारों पंजाबी लौट सकेंगे देश
अमेरिका में वैध नागरिक बनने के लिए कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाते टूट चुके कैलिफोर्निया के सैनजोस सिटी निवासी हरनेक सिंह (40) को शुक्रवार को ऐसी खुशी मिली जिसकी गूंज पंजाब में उनके पिंड तक सुनाई दी।
राष्ट्रपति ओबामा की नई आव्रजन नीति से खुद को नागरिकता मिलने की आस बंधते ही उन्होंने जालंधर में अपने बुजुर्ग माता-पिता को फोन कर जल्द घर लौटने का पूरी योजना बता डाली।
हरनेक सिंह की ही तरह कम से कम एक लाख ऐसे पंजाबी अमेरिका में 20-25 साल से फंसे हैं जिनके बेटे-बेटियां और नाती-पोते तो वहां जन्म लेने की वजह से नागरिकता पा गए, लेकिन खुद उनके माथे से अवैध का ठप्पा नहीं हटा।
वर्क परमिट पर अमेरिका में जिंदगी गुजार देने वाले हजारों पंजाबी बुजुर्ग उम्र के इस पड़ाव में भी सरजमीं पर वापस नहीं लौट पा रहे थे क्योंकि उनके पास वैध कागज नहीं हैं। वैधता मिलते ही वे भारत लौटने के लिए वीजा आवेदन कर सकेंगे। वे एनआरआई बनकर लौटेंगे जिसकी सामाजिक हैसियत पंजाब में सबसे ज्यादा है।
किसको मिलेगा फायदा
नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन (नापा) के मुताबिक आतंकवाद के दौर में पंजाब से हजारों की संख्या में युवक आव्रजन एजेंटों की मदद से अमेरिका पहुंचे।
अमेरिकी अटार्नी ने ऐसे सैकड़ों युवकों से पंजाब में सरकार और प्रशासन से खुद की जान को खतरा बताकर फॉर्म भरवाए और उन्हें राजनीतिक शरण दिला दी। ऐसे लोगों की अब स्वदेश वापसी नहीं हो पा रही।
इस दौरान तमाम ऐसे पंजाबी युवक भी अमेरिका आए जिन्होंने राजनीतिक शरण की बजाय वर्क परमिट लिया। बाद में उन्होंने नागरिकता पाने के लिए अदालतों के दरवाजे खटखटाए। सालों से ये मामले अदालत में चल रहे हैं और उनका वर्क परमिट जारी है। नए कानून से इन्हीं पंजाबियों को लाभ मिलेगा।