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किसानों के नहीं आएंगे अच्छे दिन, जानिए क्यों?

Sat, 30 May 2015 10:49 AM IST
Updated Sat, 30 May 2015 10:49 AM IST
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Now indian farmer will face problem of water

इस साल देश में मानसून के सामान्य से कम रहने की आशंका के बीच जल संग्रहण में कमी ने चिंताओं को बढ़ा दिया है। यदि मानसून सामान्य से कम रहा और जल संग्रहण क्षमता में बढ़ोतरी नहीं हुई तो मध्य और उत्तर भारत के किसानों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।

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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पिछले साल की अपेक्षा वर्तमान माह में इस बार 3 प्रतिशत कम जल संग्रहण हुआ है। देश के 91 महत्वपूर्ण जलाशयों में  21 मई, 2015 को 43.14 बीसीएम (अरब घन मीटर) जल का संग्रहण आंका गया था। यह इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का महज 27 प्रतिशत है।
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इस मामले में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ की स्थिति ज्यादा खराब है। इस क्षेत्र में 42.30 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले 12 जलाशय हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 14.42 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल क्षमता का 33 प्रतिशत है।

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पानी की कमी सता सकती है

Now indian farmer will face problem of water

पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की संग्रहण स्थिति 37 प्रतिशत थी। आयोग ने कहा है कि पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में जिन राज्यों में जल संग्रहण कम है उनमें राजस्थान, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, गुजरात,  महाराष्ट्र,  उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश  और तेलंगाना शामिल है।

हालांकि हिमाचल प्रदेश और पंजाब में जल संग्रहण की स्थिति पिछले वर्ष से अच्छी है। इस क्षेत्र में 18.01 बीसीएम की कुल संग्रहण क्षमता वाले छह जलाशय हैं। इन जलाशयों में कुल उपलब्ध संग्रहण 7.63 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल संग्रहण क्षमता का 42 प्रतिशत है। जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों में जल का संग्रहण 38 प्रतिशत था।

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