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आईआईटी मार्केटिंग से बढ़ाएंगे अपनी ब्रांड वैल्यू

Tue, 17 Sep 2013 01:09 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली।
अमर उजाला, नई दिल्ली। Updated Tue, 17 Sep 2013 01:09 PM IST
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now iit's will start own marketing for better brand value
इंजीनियरिंग की शिक्षा में आईआईटी भारत ही नहीं दुनिया के बेहतरीन संस्थाओं में से एक हैं लेकिन ब्रांड के रूप में वे काफी पीछे हैं। अब आईआईटी खुद की ब्रांडिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ जुड़कर काम करेगा, जिससे अंतर्राष्टीय स्तर पर आईआईटी की रैकिंग में सुधार हो सके।
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आईआईटी काउंसिल ने फैसला लिया है कि सभी संस्थानों व उनके निदेशकों के प्रदर्शन की हर साल आंतरिक समीक्षा भी की जाएगी।

मानव संसाधन विकास मंत्री पल्लम राजू ने सोमवार को आईआईटी काउंसिल की बैठक में हुए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईआईटी संस्थान शिक्षा में बेहतरीन होने के बावजूद अपनी ब्रांडिंग के लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं करते रहे हैं। यही कारण है कि विश्वस्तरीय श्रेष्ठ संस्थानों की सूची में इनका नाम नहीं आ पाता है।
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संस्थान अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप जरूरी बदलाव करने के साथ ही आंतरिक मूल्यांकन भी शुरू करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आईआईटी काउंसिल की बैठक में आईआईटी संस्थाओं में शोध छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए मेधावी छात्रों को रिसर्च में प्रवेश का दायरा बढ़ाने के साथ ही आसान भी किया जा रहा है। अभी इन संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री के बाद संस्थान छोड़ जाते हैं।
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काउंसिल ने विदेशी छात्रों को भी रिसर्च स्कालर के रूप में ज्यादा से ज्यादा प्रवेश देने के लिए नियमों में बदलाव का फैसला लिया है। यही नहीं आईआईटी संस्थानों को विश्वस्तरीय महत्ता प्रदान करने तथा उनकी ब्रांड वैल्यू को बढ़ाने के लिए यह भी फैसला लिया गया है कि आईआईटी संस्थान वाशिंगटन एकार्ड से जुड़ेंगे। इसके लिए वे जरूरी मानकों को पूरा करने पर भी जोर देंगे। वाशिंगटन एकार्ड में इस समय 15 देशों के बेहतरीन इंजीनियरिंग संस्थान शामिल है। इससे मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग के छात्रों को अध्ययन तथा नौकरी के लिए विश्व स्तर पर समान रूप से मान्यता दी जाती है।


एनबीए से सीधे एक्रीडिएशन नहीं

एक्रीडिएशन के मामले में एक बार फिर आईआईटी काउंसिल ने केंद्र की नीति को सीधे मानने से इंकार कर दिया है। कोई भी आईआईटी संस्थान नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिएशन (एनबीए) को सीधे आवेदन नहीं करेंगे। फैसला लिया गया है कि आईआईटी संस्थाओं के आंतरिक मूल्यांकन रिपोर्ट एनबीए को उपलब्ध करा दी जाएगी। उसके आधार पर वह आईआईटी को एक्रीडिएशन देगा।
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