आईआईटी के ये दिग्गज नेता राजनीति में भी छाए
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मोदी की चाय पर चर्चा हो या फिर सरदार पटेल की प्रतिमा के लिए देश भर में छिड़ा अभियान, इनमें मोदी के अलावा एक चीज और कॉमन है। इन दोनों के पीछे आईआईटी ब्रिगेड का दिमाग है।
अखिल हांडा, अनंत तिवारी, अनुज गुप्ता और हिमांशु सिंह जैसे नाम राजनीति में भले ही अनसुने लगते हैं, लेकिन आईआईटी के ये इंजीनियर नरेंद्र मोदी के चुनाव अभियान को धार दे रहे हैं।
दुनिया में भारत का डंका बजाने वाले आईआईटी के छात्र न केवल राजनीतिक दलों में तेजी से जगह बना रहे हैं, बल्कि इन्होंने चुनाव अभियान के तौर-तरीकों पर भी असर डाला है।
आईआईटी वालों की नए ढंग की राजनीति
इलेक्शन वार रूम में आईआईटी ब्रिगेड का रुतबा कांग्रेस, भाजपा से लेकर आम आदमी पार्टी तक में साफ देखा जा सकता है। आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल खुद आईआईटी खड़गपुर के इंजीनियर हैं।
लोकपाल आंदोलन से लेकर दिल्ली विधानसभा चुनाव तक उन्हें आईआईटी के छात्रों का भरपूर समर्थन मिला। आप ने आईआईटी के कई पुराने छात्रों को टिकट दिए हैं। अधिकांश संस्थानों में आप की यूनिट खुल चुकी है।
राजनीतिक दलों में पहुंचे आईआईटी के छात्र कई ऐसी चीजें कर रहे हैं जो पुराने नेताओं के लिए बिल्कुल नई है।
नेशनल डिजिटल ऑपरेशंस सेल के पीछे भी आईआईटी
आईआईटी के मौजूदा छात्रों में भले कांग्रेस का ज्यादा क्रेज न दिखता हो, लेकिन पार्टी के इलेक्शन वार रूम की कमान भी आईआईटी बांबे से मेकैनिकल इंजीनियरिंग कर चुके जयराम रमेश संभाल रहे हैं।
इसी संस्थान के इलेक्ट्रीकल इंजीनियर नंदन नीलेकणी भी कांग्रेस में अहम जगह बना चुके हैं। मोदी के ऑनलाइन अभियान में आईआईटी से निकले उद्यमी राजेश जैन बड़ी भूमिका में हैं। जैन की कंपनी नेटकोर ने इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अभियान में भी अपनी सेवाएं दी थी।
मोदी के भाषण के ऑडियो या वीडियो को तुरंत देश भर में फैलाने के लिए एक नेशनल डिजिटल ऑपरेशंस सेल यानी एन-डॉक बनाया गया है। इसके पीछे भी आईआईटी ब्रिगेड लगी है।
हर क्षेत्र में कारगर आईआईटी की सीख
पार्टी दफ्तरों में आईआईटी-आईआईएम जैसे संस्थानों से आए लोगों केबढ़ते रुतबे से खांटी कार्यकर्ता जरूर असहज महसूस करने लगे हैं।
लैपटॉप वाली इस जमात पर अक्सर जमीनी हकीकत को नजरअंदाज करने और हवा-हवाई राजनीति के आरोप लगते हैं। लेकिन आईआईटी कानपुर के पूर्व निदेशक संजय धांडे आईआईटी छात्रों की राजनीति में बढ़ती दिलचस्पी को एक अच्छा संकेत मानते हैं।
उनका कहना है कि आईआईटी का माहौल, पढ़ाई-लिखाई और एक्सपोजर छात्रों को जीवन के हरेक क्षेत्र में आगे रहने के लिए तैयार करता है।
राजनीति वाया आईआईटी
- अरविंद केजरीवाल, मेकैनिकल इंजीनियर, आईआईटी खड़गपुर
- मनोहर पर्रिकर, मेटलर्जी इंजीनियर, आईआईटी बांबे
- नंदन नीलेकणी, इलेक्ट्रीकल इंजीनियर, आईआईटी बांबे
- अजित सिंह, कंप्यूटर इंजीनियर, आईआईटी खड़गपुर
- जयराम रमेश, मेकैनिकल इंजीनियर, आईआईटी बांबे
- प्रेमदास राय, केमिकल इंजीनियर, आईआईटी कानपु