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स्मार्ट सिटी के बाद अब गांव भी होंगे स्मार्ट

Wed, 16 Sep 2015 10:55 PM IST
Updated Wed, 16 Sep 2015 10:55 PM IST
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Now Govt to make Villages smart

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास की मुहीम में भारत के गांवों को भी शहर की तरह स्मार्ट बनाने का बीड़ा उठाया है। इस प्रयास में पीएम मोदी की अध्यक्षता में संपन्न कैबिनेट ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी अर्बन मिशन योजना को मंजूरी दे दी है।

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सरकार का कहना है कि 5142.08 करोड़ की इस योजना के जरिए गांवों का सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी विकास कर उसे शहर की तरह स्मार्ट बनाया जाएगा। हालांकि यह योजना सांसद आदर्श ग्राम योजना के तर्ज पर ही है। उसमें हर सांसद को एक गांव चुनने का अधिकार था। मगर अर्बन मिशन के जरिए गावों को जोड़कर समूह (कलस्टर) के तौर पर उसका विकास किया जाएगा।
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पहली बार में देशभर से 300 गांव समूह को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यह काम अगले 3 साल में पूरा किया जाना है। इसके बाद सरकार इस योजना को देशभर में लागू करेगी। इन गांव समूहों के लिए धन केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं के जरिए लगाया जाएगा।
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इसके अलावा केंद्र सरकार इस सपने को हकीकत बनाने के लिए योजना खर्च पर 30 प्रतिशत ज्यादा राशि भी मुहैया कराएगी। योजना को मूर्त रूप देने का काम राज्य और जिला प्रशासन के कंधे पर होगा।

वैज्ञानिक तकनीक से गांवों का होगा चयन

Now Govt to make Villages smart

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत चलने वाली इस मिशन को सफल बनाने के लिए मंत्रालय ने गांव चयन के लिए वैज्ञानिक तकनीक अपनाने का निर्णय लिया है।

गांवों का समूह बनाते वक्त उसके भौगोलिक, आर्थिक, पर्यटन, तिर्थ स्थल और यातायात व्यवस्था सरीखे पहलूओं पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। इन पहलूओं का आंकलन करने के बाद गावों के समूह की सूची ग्रामीण विकास मंत्रालय के जरिए राज्य और जिला प्रशासन को भेजा जाएगा।

अर्बन मिशन के तहत इन गावों समूहओं के विकास की कार्ययोजना राज्य के जरिए बनाई जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से इन गावों के विकास के लिए 14 बिंदू दिए जाएंगे। उनमें कौशल विकास को आर्थिक गतिविधि से जोड़ने, कृषि आधारित उधोग, डिजिटल शिक्षा, स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, नालियां, खडंजे, स्ट्रीट लाईट्र, चलता फिरता स्वास्थ्य केंद्र, उच्च शिक्षा की सुविधा, एक-दूसरे गांव से सड़क का जुड़ाव, नागरीक सुविधा केंद्र, बिजली आपूर्ति, ई-ग्राम, सार्वजनिक वाहन, और एलपीजी सरीखे सुविधाओं से लैस बनाया जाएगा।

इस योजना के तहत वैसे ग्रांम पंचायतों के गांव का समूह तैयार किया जाएगा। जिसकी जनसंख्या 25 हजार से 50 हजार हो। पहाड़ी, रेगिस्तान और आदिवासी क्षेत्रों के लिए जनसंख्या का पैमाना 5 हजार से 15 हजार रखा गया है।

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