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अब सरकार और कांग्रेस ने संभाला खुर्शीद के बचाव का मोर्चा
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Oct 2012 12:59 AM IST
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कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के इस्तीफे पर अड़े अरविंद केजरीवाल को कांग्रेस हीरो बनने का मौका नहीं देना चाहती। दरअसल, कांग्रेस ने तय कर लिया है कि वह केजरीवाल के कहने पर कानून मंत्री का इस्तीफा नहीं करवाएगी। भले ही विकलांगों के साथ कथित धोखाधड़ी का मामला जितना भी तूल पकड़े, मगर पार्टी किसी भी सूरत में यह संदेश देना नहीं चाहती कि सरकार और कांग्रेस ने केजरीवाल के सामने घुटने टेक दिए हैं।
इसलिए इस बार पार्टी किसी भी सूरत में दबाव तले दबने की जगह खुलकर केजरीवाल के बयानों का न सिर्फ सामना कर रही है, बल्कि खुर्शीद का जमकर बचाव भी कर रही है। कांग्रेस ही नहीं बल्कि सरकार भी खुर्शीद के साथ खड़ी हो गई है। मगर हकीकत यह भी है कि खुर्शीद दंपति के ट्रस्ट को लेकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों से आ रही शिकायतें पार्टी की परेशानी का सबब बन रही हैं।
सोमवार को सरकार ने मीडिया मामलों पर बने मंत्रियों के समूह की बैठक बुलाई। इसमें खुर्शीद के बचाव में उतरने की रणनीति बनाई गई। इस बैठक में खुद खुर्शीद भी थे। हालांकि बैठक के बाद उन्होंने अपनी सफाई में कुछ बोलने से इनकार कर दिया। मगर उनके साथी केंद्रीय मंत्री उनके बचाव में उतर गए। सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि सलमान खुर्शीद से दूरी बनाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।
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कानून मंत्री के स्पष्टीकरण के बाद कुछ और कहने के लिए नहीं रह जाता। सोनी ने कहा कि कानून मंत्री ने सभी शंकाओं को दूर कर दिया है। इसके बाद सवाल उठाने का कोई औचित्य नहीं है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि खुर्शीद ने विस्तार से बता दिया है कि केजरीवाल के लगाए गए सारे आरोप गलत हैं।
वहीं, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी कहा कि खुर्शीद पक्ष की ओर से कोर्ट में अवमानना याचिका दे दी गई है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल अपने हिसाब से जांच चाहते है, जबकि हकीकत है कि इस सारे मामले के पीछे संघ का हाथ है। दिग्विजय ने मीडिया पर बरसते हुए कहा कि स्टिंग ऑपरेशन दिखाने वाले चैनल ने नेशनल ब्राडकास्टिंग संघ के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है। कांग्रेस ने भी कहा कि इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जांच हो रही है। हालांकि पार्टी के आला सूत्र यह मान रहे हैं कि केजरीवाल की ओर से यह मामला उठाने से पार्टी की काफी किरकिरी हो रही है।
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इसलिए इस बार पार्टी किसी भी सूरत में दबाव तले दबने की जगह खुलकर केजरीवाल के बयानों का न सिर्फ सामना कर रही है, बल्कि खुर्शीद का जमकर बचाव भी कर रही है। कांग्रेस ही नहीं बल्कि सरकार भी खुर्शीद के साथ खड़ी हो गई है। मगर हकीकत यह भी है कि खुर्शीद दंपति के ट्रस्ट को लेकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों से आ रही शिकायतें पार्टी की परेशानी का सबब बन रही हैं।
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सोमवार को सरकार ने मीडिया मामलों पर बने मंत्रियों के समूह की बैठक बुलाई। इसमें खुर्शीद के बचाव में उतरने की रणनीति बनाई गई। इस बैठक में खुद खुर्शीद भी थे। हालांकि बैठक के बाद उन्होंने अपनी सफाई में कुछ बोलने से इनकार कर दिया। मगर उनके साथी केंद्रीय मंत्री उनके बचाव में उतर गए। सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि सलमान खुर्शीद से दूरी बनाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।
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कानून मंत्री के स्पष्टीकरण के बाद कुछ और कहने के लिए नहीं रह जाता। सोनी ने कहा कि कानून मंत्री ने सभी शंकाओं को दूर कर दिया है। इसके बाद सवाल उठाने का कोई औचित्य नहीं है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि खुर्शीद ने विस्तार से बता दिया है कि केजरीवाल के लगाए गए सारे आरोप गलत हैं।
वहीं, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी कहा कि खुर्शीद पक्ष की ओर से कोर्ट में अवमानना याचिका दे दी गई है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल अपने हिसाब से जांच चाहते है, जबकि हकीकत है कि इस सारे मामले के पीछे संघ का हाथ है। दिग्विजय ने मीडिया पर बरसते हुए कहा कि स्टिंग ऑपरेशन दिखाने वाले चैनल ने नेशनल ब्राडकास्टिंग संघ के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है। कांग्रेस ने भी कहा कि इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जांच हो रही है। हालांकि पार्टी के आला सूत्र यह मान रहे हैं कि केजरीवाल की ओर से यह मामला उठाने से पार्टी की काफी किरकिरी हो रही है।