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अब कम नहीं मिलेगा पेट्रोल और डीजल

Wed, 06 Nov 2013 03:20 AM IST
विजय गुप्ता/दिल्ली
विजय गुप्ता/दिल्ली Updated Wed, 06 Nov 2013 03:20 AM IST
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now get full fuel from petrol pump

पेट्रोलियम उत्पादों में मिलावट और घटतौली को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाने की कवायद शुरू कर दी है।

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उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की सख्ती के कारण तेल विपणन कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और एचपीसीएल आदि ने अपने पेट्रोल पंपों में लगी हुई मशीनों में इलेक्ट्रॉनिक बार कोड लगाने की हामी भर दी है। इसको लेकर तेल कंपनियां और सरकार के बीच लगातार बातचीत जारी है।

सरकार ने इन सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियां पर दबाव बनाया था कि वह उपभोक्ता को शुद्ध और सही मात्रा में पेट्रोल और डीजल मुहैया कराए। पर कंपनियों ने मंत्रालय को बताया कि ऐसा कर पाना संभव नहीं है क्योंकि मिलावट और घटतौली कंपनियों के स्तर पर नहीं बल्कि डीलरों के स्तर पर होती है।
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कंपनियों का कहना था कि डीलर अपने यहां लगी मशीनों से छेड़छाड़ कर ऐसा करते हैं। लिहाजा विपणन कंपनियां इस काम की गारंटी नहीं दे सकती हैं।

इस पर उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कहा कि जांच में जिस कंपनी के पेट्रोल पंप पर घटतौली और मिलावट की शिकायत मिलेगी। उसमें मुकदमा डीलर के साथ ही विपणन कंपनियों पर भी किया जाएगा।
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उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की इस घुड़की के बाद विपणन कंपनियों ने सरकार से उपाय सुझाने को कहा। जिस पर मंत्रालय ने कंपनियां को मशीनों के पुर्जों और उसमें हेराफेरी से रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक बार कोड लगाने का सुझाव दिया है।

इन बार कोडों को केवल विशिष्ट मशीनों के जरिए ही पढ़ा जा सकता है और इसके चलते इन कोडों से कोई भी डीलर हेराफेरी नहीं कर सकता है।

सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय ने कई मामलों में मिलावट और घटतौली के चलते सीधे कंपनियों के सीएमडी व सीईओ के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। जिसके कारण ये कंपनियां दबाव में हैं और इलेक्ट्रॉनिक बार कोड लगाने के लिए सहमत हो गई हैं।


दबाव का आलम यह है कि इन कंपनियों ने आईआईटी मुंबई के दो प्रोफेसरों और मंत्रालयों के अधिकारियों के बीच कई बैठकें करवाई। इन प्रोफेसरों को इन कंपनियों ने सलाहकार भी बना रखा है।

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