अब किसानों ने लौटाना शुरू किया सम्मान
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साहित्यकारों की तरह अब किसानों ने भी सरकार के सामने अपना विरोध जताने के लिए पुरस्कार लौटाना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र में दो कृषि भूषण सम्मानित किसानों ने शुक्रवार को राज्य में किसानों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों के विरोध में अपना सम्मान लौटा दिया है।
विदर्भ क्षेत्र के वडोना के मोरेश्वर झाडे (70) और इसी क्षेत्र के सवरगांव के हेमंत शेंद्रे ने अपने कृषि भूषण सम्मान के साथ मिले सर्टिफिकेट और मेडल भी सरकार को लौटा दिए हैं।
राज्य में किसानों पर कर्ज का बोझ कम करने और उनकी आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर लगाम न कस सकने की सरकार की विफलता के खिलाफ इन दोनों किसानों ने यह कदम उठाया है।
हमारी आय काफी कम हो गई
दोनों ने बुधवार को अपना सम्मान लौटाने की घोषणा की थी। इस दौरान उन्होंने
कहा कि हमें यह सम्मान इसलिए मिला था क्योंकि हमने उत्पादन बढ़ाया था,
लेकिन कई सालों से हमारी आय काफी कम हो गई है।
इससे हम कर्ज और गरीबी के
बोझ तले दब गए हैं। राज्य के विदर्भ क्षेत्र में किसान आत्महत्या के कई
मामले सामने आए हैं। राज्य सरकार के मुताबिक ही 2015 में महाराष्ट्र में एक
हजार किसानों ने आत्महत्या की।