व्यापमं घोटालाः चार दिन में चार मौतें, अब तक 46
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मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाले में मौतों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब इस मामले से जुड़े एक कांस्टेबल की मौत हो गयी है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार मृतक का नाम रमाकांत पांडे है और वह ओरछा में पोस्टेड था। पुलिस को उसका शव पंखे से लटका मिला है। खबर के अनुसार एसटीएफ ने कुछ माह पूर्व ही रमाकांत से व्यापमं घोटाले में पूछताछ की थी।
वहीं पुलिस का कहना है कि रमाकांत शराब की लत थी। इस मामले में यह 46वीं मौत है।
इससे पूर्व कल ही महिला ट्रेनी सब इंस्पेक्टर अनामिका कुशवाहा ने खुदकुशी कर ली थी। उसने सागर में पुलिस एकाडमी के सामने तालाब में कूदकर जान दे दी थी। इसे व्यापम घोटाले से देखा जा रहा है क्योंकि भर्ती व्यापमं के तहत ही हुई थी और उसी में घोटाले पर एसआईटी जांच चल रही है।
वहीं कांग्रेस ने सीएम शिवराज सिंह चौहान पर हमला बोलते हुए मामले पूरी जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। लेकिन गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीबीआई जांच से इंकार करते हुए कहा कि वह मामले में एसआईटी जांच से संतुष्ट हैं,लेकिन अगर कोर्ट का आदेश होगा तो वह जरूर इस पर विचार करेंगे।
उमा को लगता है डर
वहीं केंद्र सरकार में मंत्री उमा भारती को मामले से जुड़े लोगों मौतों से डर लगने लगा है। उनका कहना है कि उन्हें इस मामले में अपने लोगों की जान जाने का भी डर सता रहा है।
उन्होंने कहा कि सिलसिलेवार मौतों पर मध्यप्रदेश में अफरातफरी फैली गई है। ऐसे में उन्हें इस जांच से जुड़े अपने लोगों की जान जाने का भी डर सता रहा है। इस दौरान इशारों इशारों में मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए उमा ने कहा कि इस मामले का खुलासा होने के बाद सीबीआई की जांच का सुझाव देने वाली वह पहली राजनीतिज्ञ थीं।
उन्होंने अपनी इस चिंता से मुख्यमंत्री शिवराज को अवगत कराने का भी दावा किया।