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रामदेव के गुमशुदा गुरु को अब ढूंढेगी सीबीआई

देहरादून/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 13 Oct 2012 12:18 AM IST
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Now cbi will investigate Ramdevs guru case
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उत्तराखंड सरकार ने बाबा रामदेव के गुरु शंकरदेव की गुमशुदगी के मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की है। देर शाम प्रमुख सचिव गृह विनिता कुमार ने इसकी अधिसूचना जारी कर इसे केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को भेज दिया। पिछले पांच वर्षों में पुलिस लापता शंकरदेव का सुराग लगाने में विफल रही है।
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शंकरदेव जुलाई 2007 से लापता बताए जाते हैं। लंबी पड़ताल के बाद पुलिस ने इस मामले में अप्रैल 2012 में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। मामले को लेकर समय-समय पर तरह-तरह के आरोप लगते रहे हैं। विवाद को देखते हुए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश करने का निर्देश दिया।

इसी क्रम में शुक्रवार को प्रमुख सचिव गृह ने (दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 के तहत) सीबीआई से जांच कराए जाने की सिफारिश की अधिसूचना जारी की। प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य पुलिस इस मामले में किसी नतीजे पर नहीं पहुंची, इसलिए यह मामला सीबीआई को रेफर कर दिया गया है।

कब क्या हुआ
-14 जुलाई 2007 को बाबा रामदेव के गुरु स्वामी शंकरदेव कनखल स्थित कृपालु बाग आश्रम से बिना बताए कहीं चले गए थे।
-दो दिन तक  तलाश के बाद बाबा रामदेव केसहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने कनखल थाने में 16 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
-पुलिस ने लंबी पड़ताल की। समय-समय पर जांच अधिकारी बदलते रहे। पांच साल तक आश्रम और उनके परिचितों से जुड़े दर्जनों लोगों के बयान दर्ज किए गए।
-10 अप्रैल 2012 को विवेचक सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी।
-फाइनल रिपोर्ट में विवेचक की ओर से कहा गया कि लंबी जद्दोजहद और प्रयासों के बावजूद स्वामी शंकरदेव का कोई पता नहीं चल पाया। इस केस में अब और ज्यादा समय लगाना मुनासिब नहीं होगा। पांच साल की तलाश के बाद भी पुलिस के हाथ खाली ही रहे।

जबसे हमने काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है तभी से केंद्र की जांच एजेंसियां हमारे पीछे पड़ी हैं। आचार्य बालकृष्ण के मामले में सीबीआई का दुरुपयोग किया गया। इस मामले में सीबीआई का किस तरह का दुरुपयोग किया जाएगा, हम अभी नहीं बता सकते। -बाबा रामदेव, योगगुरु
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