अब पटना रैली पर भाजपा का फोकस

अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 26 Oct 2013 02:01 AM IST
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now bjp focus on modi's patna rally

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झांसी के बाद भाजपा अब नरेंद्र मोदी की पटना रैली को कामयाब बनाने में जुट गई है। जदयू से दोस्ती टूट जाने के बाद बिहार में मोदी की यह पहली रैली है।
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पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मोदी के लिए नीतीश कुमार के राज में अपने विकास मॉडल को जनता के गले उतारना एक बड़ी चुनौती होगी। इसलिए बिहार प्रदेश भाजपा से लेकर राष्ट्रीय संगठन भी मोदी की इस रैली को यादगार बनाने की कोशिश में जुटा है।
संपूर्ण क्रांति का नारा देने वाले लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने भी पटना के गांधी मैदान से अपने अभियान की शुरूआत की थी, अब भाजपा भी मोदी को उसी तरह से पेश कर रही है।
जदयू के साथ दोस्ती के दौर में भाजपा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छाया से बाहर नहीं निकल पा रही थी। तब के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी तो नीतीश की हां में हां मिलाने के लिए मशहूर थे। लेकिन दोस्ती टूटने के बाद भाजपा अब नीतीश की छाया से आगे निकलने की कोशिश में जुटी है।

गुजरात मॉडल को बिहार में समझाना बड़ी चुनौती
ऐसे में प्रदेश भाजपा को नरेंद्र मोदी की रैली से बड़ी उम्मीदें हैं। बिहार में नीतीश सरकार का कामकाज व शासन अपनी पहचान बना चुका है। उनके बिहार के विकास मॉडल की भी सराहना होती रही है। ऐसे में मोदी को गुजरात के अपने विकास व सुशासन के मॉडल को बिहार के लोगों को समझाना बड़ी चुनौती होगी।

मोदी लंबे समय बाद रविवार को बिहार में होंगे। लगभग तीन साल पहले भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सम्मेलन में शामिल होने के लिए मोदी बिहार गये थे, लेकिन तब वे कड़वी याद लेकर लौटे।

नीतीश ने तब मोदी के विवादित विज्ञापन के चलते भाजपा नेताओं के सम्मान में दिया जाने वाले भोज रद्द कर दिया था। माना जा रहा है कि मोदी अब जदयू सरकार पर आक्रामक सियासी हमला कर नीतीश से तब का हिसाब भी चुकता कर सकते हैं।
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