आडवाणी बोले, 'नेताजी से जुड़ी फाइलें हों सार्वजनिक'
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने केंद्र सरकार के पास रखी नेताजी से जुड़ी सभी फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
एक बांग्ला समाचार पत्र को दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि नेताजी की मौत से जुड़ा राज तब तक सामने नहीं आएगा जब तक कि सभी गोपनीय फाइलें सार्वजनिक नहीं होगी। उन्होंने नेताजी की मौत पर देश भर में फैली तमाम अफवाहों पर रोक लगाने के लिए गोपनीय सार्वजनिक फाइलों को सार्वजनिक करना जरूरी बताया।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा नेताजी से जुड़ी 64 गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक किए जाने के बाद केंद्र सरकार के पास रखी 134 गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक करने का दबाव बढ़ गया है।
नेताजी के परिजन लगातार केंद्र सरकार से इस आशय की मांग कर रहे हैं। इस क्रम में नेताजी के 50 से अधिक रिश्तेदार अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी करने वाले हैं।
आडवाणी ने कहा कि नेताजी की मौत से जुड़ा सच सामने लाया जाना जरूरी है। यह तब तक नहीं होगा जब तक कि सारी फाइलें सार्वजनिक नहीं होंगी।
अपने वादे से पलटे मोदी
उन्होंने कहा कि नेताजी की मौत पर देश में पहले से ही अफवाहों का दौर जारी रहा है। अब भी अगर सारी फाइलें सार्वजनिक नहीं हुईं तो रोज नई नई अफवाहें सामने आएंगी।
उन्होंने कहा कि अफवाहों पर पूरी तरह से लगाम लगाने का एक ही जरिया है कि सरकार सभी फाइलों को सार्वजनिक कर नेताजी की मौत से जुड़े राज को सामने ले आए। उल्लेखनीय है कि नेताजी की रहस्यमयी मौत को लोकसभा चुनाव के दौरान खासतौर पर पीएम मोदी ने राजनीतिक मुद्दा बनाया था।
उन्होंने सत्ता में आने के बाद सभी गोपनीय फाइलें सार्वजनिक करने का वादा भी किया था। हालाकि बाद में जब सूचना का अधिकार कानून के तहत सरकार से नेताजी से संबंधित गोपनीय फाइलों की जानकारी मांगी गई तो सरकार पलट गई।
तब सरकार का कहना था कि इससे भारत के अन्य देशों के साथ कूटनीतिक रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य सरकार से जुड़ी सभी 64 फाइलों को सार्वजनिक कर केंद्र पर दबाव बढ़ा दिया है।
अब आडवाणी ने भी गोपनीय फाइलें सार्वजनिक करने की मांग कर सरकार की परेशानी बढ़ा दी है।