जिन्हें मोदी सरकार ने दिया बड़ा ओहदा, उनके दामन पर भी है दाग!
केवी चौधरी को मुख्य सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) और टीएम भसीन को सतर्कता आयुक्त (वीसी) की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
याचिका में आरोप लगाया गया कि दोनों का रिकार्ड साफ नहीं रहा है। चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने कॉमन काउज नामक गैर सरकारी संगठन द्वारा दाखिल इस जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
वही पीठ ने याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण को सीवीसी और वीसी से संबंधित रिकार्ड प्राप्त करने के लिए आवेदन दाखिल करने के लिए कहा है।
रिकार्ड नहीं है साफ सुथरा
याचिकाकर्ता के समर्थन करते हुए वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने इससे संबंधित केंद्र सरकार केरिकार्ड का निरीक्षण करने के लिए अदालत से इजाजत मांगी। इस पर पीठ ने कहा कि पहले रिकार्ड हमारे पास तो आने दीजिए, रिकार्ड का निरीक्षण पहले हमें तो करने दीजिए।
याचिका में सीवीसी और वीसी की नियुक्ति को चुनौती देते हुए कहा गया है कि दोनों का रिकार्ड साफ-सुथरा नहीं रहा है। इनकी नियुक्ति के लिए अपनाई गई प्रक्रिया पूरी तरह अपारदर्शी है।
गत छह जून को चौधरी को सीवीसी नियुक्त किया गया था जबकि 11 जून को भसीन ने वीसी का पदभार संभाला था। जनहित याचिका में कहा गया है कि इन दोनों की नियुक्ति गैरकानूनी है।
सरकार ने इन दोनों पदों के लिए शार्ट-लिस्ट किए गए उम्मीदवारों तक के नाम तक सार्वजनिक नहीं किए, जबकि ये दोनों ही पद बेहद महत्वपूर्ण हैं।