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RTI में केजरीवाल से जुड़ी सूचनाएं न देने पर नोटिस

Thu, 19 Dec 2013 08:29 AM IST
पीयूष पांडेय/नई दिल्ली
पीयूष पांडेय/नई दिल्ली Updated Thu, 19 Dec 2013 08:29 AM IST
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notice issued to income tax officer

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और बाबा रामदेव के पतंजलि योग पीठ ट्रस्ट से जुड़े सवालों का जवाब नहीं देने वाले आयकर विभाग के अधिकारियों को केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने नोटिस जारी किया है।

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आयोग के समक्ष इन अधिकारियों को बृहस्पतिवार (19 दिसंबर) को पेश होना है। सूचना के अधिकार के तहत आयकर विभाग से रामदेव के ट्रस्ट की आय, पेनाल्टी, दान-दाताओं, कोष के संबंध में सूचना मांगी गई थी।
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जबकि केजरीवाल पर विभाग की ओर से बकाया के बारे में पूछा गया था। सीआईसी ने उत्तर प्रदेश के हाथरस निवासी अधिवक्ता गौरव अग्रवाल की अपील पर आयकर विभाग के उपनिदेशक व सीपीआईओ और अतिरिक्त निवेश व प्रथम अपीलीय अधिकारी को तलब किया है।
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आयोग ने आदेश में कहा है कि दोनों ही अधिकारी निजी तौर पर पेश होकर आरटीआई में पूछे गए सवालों का जवाब न दिए जाने के बारे में पक्ष रखें।

साथ ही आयोग ने कहा है कि यदि अधिकारी नहीं पेश होते हैं तो मौजूदा दस्तावेजों के आधार पर इस मामले में आगे सुनवाई की जाएगी और आरटीआई एक्ट के नियम 20 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

याद रहे कि अग्रवाल ने नवंबर, 2012 में आरटीआई के माध्यम से आयकर विभाग से पूछा था कि बाबा रामदेव के पतंजलि योग पीठ ट्रस्ट को छूट के दायरे से बाहर करने पर टैक्सेबल इनकम कितनी बनी।

टैक्स चोरी करने के आरोप पर कितने रुपये की पेनाल्टी की गई। आरटीआई में पूछा गया था कि ट्रस्ट को अब तक कितना रुपया दान में विदेश या देश से मिला। दान देने वालों के नाम व पते क्या हैं। ट्रस्ट के पास कितना कोष है।

आरटीआई में कुल 8 सवाल ट्रस्ट और एक सवाल केजरीवाल की सरकारी नौकरी व उन पर विभाग के बकाया के संबंध में किया गया था। जबकि आखिरी सवाल पूछा गया कि गत पांच साल में विभाग को आयकर से कितना रुपया मिला।


लेकिन इस सवालों का जवाब विभाग ने निर्धारित अवधि में नहीं दिया, जिसके बाद इस वर्ष फरवरी में आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रथम अपील की। तब विभाग ने कहा कि ट्रस्ट ने सूचना न दिए जाने के बारे में कहा है।

ऐसे में तीसरे पक्ष की जानकारी नहीं दे सकते। इसके बाद दूसरी अपील में भी अक्तूबर में सूचना मुहैया कराने से इंकार कर दिया गया।

तब आरटीआई कार्यकर्ता ने आयोग का दरवाजा खटखटाया और आयोग ने इस मसले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए विभाग के अधिकारियों को तलब कर लिया।

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