मैगी-मदर डेयरी के बाद डेटॉल और कोलगेट पर आफत
नूडल्स और दूध के बाद डेटॉल साबुन और कोलगेट टूथपेस्ट में कमियां सामने आई हैं। कोलगेट के रैपर पर एक्सपाइरी डेट स्पष्ट नहीं मिली, जबकि डेटॉल साबुन मिसब्रांड पाया गया। औषधी नियंत्रक विभाग ने दोनों कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
औषधि नियंत्रक पीके मोदी ने बताया कि नवंबर 2014 में शहर के दो स्थानों से डेटॉल सोप और कोलगेट टूथपेस्ट का सैंपल लिया गया था। साबुन के रेपर पर उसका वजन 125 ग्राम अंकित किया गया था जबकि परीक्षण में वजन महज 70 ग्राम मिला।
टूथपेस्ट पर एक्सपाइरी डेट ड्रग मानकों के मुताबिक नहीं थी। एक्सपाइरी डेट के स्थान पर लिखा था कि निर्माण के तीन वर्ष तक प्रयोग किया जा सकता है जबकि नियमानुसार पर उस पर निर्माण की तिथि महीने और वर्ष के साथ अंकित होनी चाहिए और एक्सपाइरी डेट भी महीने और वर्ष के रूप में अंकित होनी चाहिए थी। पीके मोदी ने बताया कि दोनों ही कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनके जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगरा में मदर डेयरी पर होगा मुकदमा
मदर डेयरी के कलेक्शन सेंटर के दूध सैंपल में डिटरजेंट मिलने के बाद एफडीए अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए खाद्य सुरक्षा कमिश्नर को रिपोर्ट भेजी है। गौरतलब है कि नवंबर 2014 में टीम ने बाह क्षेत्र में स्थिति मदर डेयरी के कलेक्शन सेंटर से दूध के सैंपल लिए थे। लखनऊ लैब में नमूने अधोमानक पाए गए।
इस रिपोर्ट को मदर डेयरी ने चुनौती दी और कोलकाता लैब में जांच कराई। कोलकाता लैब में एक सैंपल अधोमानक पाया गया था और एक में डिटरजेंट की मिलावट पाई गई थी। हालांकि मदर डेयरी की ओर से इसका खंडन करते हुए कहा गया था कि सैंपल गांव स्तर के कलेक्शन सेंटर के लिए गए थे। प्लांट में कई स्तर पर जांच की जाती है और खराब दूध को हटा दिया जाता है। एफडीए के अधिकारियों का कहना है कि दूध के सैंपल डेयरी के टैंकर से लिए गए थे। अभिहीत अधिकारी राम नरेश यादव ने बताया कि कलेक्शन सेंटर का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। अब मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
हो सकता है आजीवन कारावास
एफडीए अधिकारियों का कहना है कि सैंपल अधोमानक पाए जाने पर जुर्माने की कार्यवाही की जाती है। जिन मामलों में सजा का प्रावधान है वहां कमिश्नर की स्वीकृति के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 59 के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाता है। ऐसे मामलों में छह वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा प्रावधान है।