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एनसीटीसी में अब विरोध लायक कुछ नहीं: शिंदे
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Thu, 28 Mar 2013 09:18 PM IST
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राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी केंद्र (एनसीटीसी) को गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों की मांग पर नरम करने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि अब एनसीटीसी में विरोध करने लायक कुछ नहीं है।
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शिंदे को भरोसा है कि अगले महीने होने वाले मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में एनसीटीसी के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘एनसीटीसी के ‘आपरेशन’ हिस्से को बाहर निकाल दिया गया है। मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में एनसीटीसी को मंजूरी मिल जाएगी।’
शिंदे ने कहा कि किसी भी मामले में स्थानीय पुलिस गिरफ्तारी करेगी और इस मामले में राज्य सरकार एनसीटीसी के साथ शामिल होगी।
मुख्यमंत्रियों की 15 अप्रैल को होने वाली आंतरिक सुरक्षा बैठक में निकाय की स्थापना के मुद्दे पर विचार विमर्श किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक एनसीटीसी के गठन का विरोध कर रहे हैं।
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आतंकवादी घटनाओं पर काबू के लिए प्रस्तावित एनसीटीसी अब खुफिया ब्यूरो के दायरे से बाहर होग। यह तलाशी अभियान चला सकेगा और राज्य के पुलिस प्रमुख को सूचित करने के बाद प्रदेश में किसी को गिरफ्तार कर सकेगा।
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एनसीटीसी का विरोध करने वालों की दलील रही है कि इस निकाय को तलाशी अभियान चलाने के लिए एकतरफा अनुमति देना राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप होगा और देश के संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाएगा।