'मेरी लाश भी नहीं जाएगी समाजवादी पार्टी में'
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भाजपा सांसद रमाकांत यादव ने सपा में शामिल होने की अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मैं क्या, मेरी लाश भी सपा में नहीं जाएगी।
साथ ही उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वाले टीवीचैनल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा हूं। वह बुधवार को भाजपा जिला कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
गौरतलब है कि मंगलवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के आजमगढ़ से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद यह अफवाह फैली कि भाजपा सांसद रमाकांत यादव सपा में शामिल होंगे।
एक टीवी चैनल ने भी इसी तरह की खबर प्रसारित की थी। तेजी से फैल रही इस अफवाह को विराम देते हुए सांसद रमाकांत यादव ने बुधवार को प्रेस वार्ता में साफ किया कि वह सपा में नहीं जा रहे हैं।
मुलायम का करता हूं सम्मान
रमाकांत यादव ने कहा कि मैं मुलायम सिंह यादव का सम्मान करता हूं। अगर वे पिछड़ों-दलितों को साथ लेकर चलें और मुसलमानों को छोड़ दें, तभी सपा में आने पर विचार कर सकता हूं।
आजमगढ़ से मुलायम सिंह जैसे बड़े नेता के चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि क्या इंदिरा गांधी बड़ी नेता नहीं थीं, उन्हें भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। दिल्ली में शीला दीक्षित भी हार गई हैं।
आजमगढ़ ने मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री बनने से पूरे 13 साल पहले 1977 में रामनरेश यादव को प्रदेश का सीएम बनाया था।
सांसद रमाकांत ने कहा कि जिले की जनता मुझे सम्मान, प्यार देती है। अपना बेटा और नेता मानती है। जबकि मुलायम सिंह को पिछड़ों-दलितों का विरोधी मानती है। वह पिछड़ों को कमजोर करने की साजिश करते हैं। उनके मंसूबे को जिले की जनता किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने देगी।