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आधार पर सरकार ही नहीं सुप्रीम कोर्ट भी है परेशान

Thu, 08 Oct 2015 08:51 PM IST
Updated Thu, 08 Oct 2015 08:51 PM IST
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Not only govt even SC is also worried over Aadhar card

आधार को लेकर न केवल केंद्र सरकार मुश्किल में है बल्कि सुप्रीम कोर्ट भी इसे लेकर परेशान है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की परेशानी की वजह कुछ और है।

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शीर्ष अदालत के समक्ष परेशानी यह है कि आखिरकार नौ सदस्यीय पीठ का गठन कैसे किया जाए। परेशानी यह है कि इतने न्यायाधीशों के एक साथ बैठने पर अन्य मामलों का क्या होगा।
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चीफ जस्टिस एचएल दत्तू ने हालांकि केंद्र सरकार और रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया, सेबी सहित अन्य अथॉरिटी को भरोसा दिलाया है कि शुक्रवार को वह संवैधानिक पीठ के गठन पर निर्णय लेंगे। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने 11 अगस्त के उस आदेश में फेरबदल करने से इनकार कर दिया था जिसमें आधार को एलपीजी सब्सिडी और जन वितरण प्रणाली तक ही सीमित रखा था और मामले को संवैधानिक पीठ के पास भेज दिया गया था।
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चीफ जस्टिस एचएल दत्तू ने पीठ के गठन पर निर्णय लेने के लिए शुक्रवार तक का वक्त मांगा है।

कैसे हो पीठ का गठन

Not only govt even SC is also worried over Aadhar card

चीफ जस्टिस ने कहा कि सवाल यह है कि पीठ के गठन के लिए हमें नौ जज चाहिए। एक साथ नौ जजों की वस्था कैसे की जाएगी। ऐसी स्थिति में अन्य लंबित मामलों का क्या होगा। पीठ ने कहा कि क्या मैं अन्य जजों को चैंबर मैटर सुनने के लिए कहूंगा।

इन सब परेशानी को गिनाते हुए भी चीफ जस्टिस ने कहा कि वह शुक्रवार को इस पर निर्णय लेंगे। गुरुवार को सुबह अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहगती, वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे, जयंत भूषण ने चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष उल्लेख करते हुए आधार मामले को लेकर जल्द से जल्द संवैधानिक पीठ के गठन करने की गुहार लगाई।

अटॉर्नी जनरल ने कहा कि हम चाहते हैं कि गरीब लोगों को सरकारी सुविधा उनके घर पर मिले लेकिन निजता के अधिकार का मसला उठाकर लोगों तक सुविधा पहुंचाने में देरी हो रही है। चीफ जस्टिस ने यह ध्यान में रखते

हुए कि निजता का अधिकार मूल अधिकार है या नहीं, इस पर आठ सदस्यीय पीठ का पूर्व में फैसला आ चुका है। लिहाजा कम से कम हमें नौ जजों की पीठ का गठन करना होगा।

चीफ जस्टिस ने कहा कि आज दो जज छुट्टी पर हैं, जिस कारण उनके बर्दस जज को चैंबर मामलों का निपटारा करना पड़ रहा है। नौ जजों की पीठ बनने के बाद मुझे अन्य जजों को चैंबर में बैठने के लिए कहना पड़ेगा, जिससे इन जजों का समय नष्ट होगा।

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