दिल्ली में चर्चों में ही नहीं मंदिरों में भी हो रही चोरीः बस्सी
देश की राजधानी में चर्चों पर हो रहे कथित हमलों को दिल्ली पुलिस महज चोरी की वारदात मान रही है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी का कहना है कि साल 2014 में सिर्फ चर्च ही नहीं मंदिरों और गुरुद्वारों में भी चोरी की वारदातें सामने आई थीं। वहीं चर्चों पर हो रहे इन कथित हमलों को ईसाई संस्थानों एक सोची समझी साजिश मान रहे हैं।
प्रधानमंत्री के बुलावे के बाद बस्सी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2014 के दौरान मंदिरों में 206, गुरुद्वारों में 14 और चर्चों पर तीन हमलों की बात सामने आई थी।
बस्सी ने गृह सचिव एलसी गोएल को बताया कि ताजा मामले में इस तरह की धारणा बन रही है कि किसी खास समुदाय को निशाना बनाया गया है। वहीं मंत्रालय ने बस्सी से कहा है कि पांच चर्चों और एक क्रिश्चियन स्कूल पर हुए हमले के मामले को जल्द निपटाएं ताकि इन घटनाओं से विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी पनपने को रोका जा सके।
'खराब हो रही पुलिस की छवि'
सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस तरह की घटनाएं पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने का काम करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली जैसे विविधता वाले शहर में सुरक्षा मुहैया कराना एक मुश्किल काम है, लेकिन दिल्ली पुलिस को इसे करना पड़ता है।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस कमिश्नर से कहा गया था कि दिलशाद गार्डन स्थित चर्च पर हुए हमले की जांच प्राथमिकता से करें। वहीं पुलिस का कहना है कि जो भी मामले दर्ज होते है उनमे से अधिकतर चोरी से जुड़े होते हैं और वो आगजनी से जुड़े किसी खास मामले को ही निपटाने में सक्षम नहीं हैं।
वहीं मंत्रालय ने यह भी सलाह दी है कि चर्च और अन्य ईसाई समुदायों के बाहर पुलिस बल को तैनात किया जाना चाहिए। साथ ही अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति खतरे को ध्यान में रखते हुए अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के आदेश भी दे दिए गए हैं।