केंद्र ही नहीं, यूपी सरकार भी देगी संगीत सोम को सुरक्षा
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मुजफ्फरनगर दंगा मामले से चर्चा में आए भाजपा विधायक संगीत सोम को अब यूपी सरकार भी सुरक्षा मुहैया कराएगी। इस मुद्दे पर केंद्र और यूपी सरकार, दोनों ही इस पर एकमत हैं कि विधायक की जान को बड़ा खतरा है। ऐसे में उन्हें सुरक्षा मुहैया कराया जाना जरूरी है।
सोम को केंद्र जेड प्लस सुरक्षा पहले ही मुहैया करा चुका है। दंगों के लिए सोम को जिम्मेदार ठहराने वाली राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका वापस ले ली है।
सर्वोच्च अदालत ने राज्य सरकार की ओर से याचिका वापस लिए जाने की मांग को अनुमति प्रदान कर दी है। जबकि इससे पहले हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को वाई कैटेगरी की सुरक्षा देने का आदेश किया था।
जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष यूपी सरकार की ओर से पेश हुए अधिवक्ता रवि प्रकाश मेहरोत्रा ने कहा कि राज्य की सुरक्षा समिति ने विधायक संगीत सोम को सुरक्षा मुहैया कराने के मसले का आकलन किया है।
राज्य सरकार अपनी याचिका ली वापस
समिति ने उन्हें वाई कैटेगरी की सुरक्षा देने की सिफारिश की है। इसी के चलते राज्य सरकार गत वर्ष अगस्त में हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका वापस लेना चाहती है।
याद रहे कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने गत वर्ष 11 अप्रैल को सोम को वाई कैटेगरी की सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश राज्य सरकार को उन पर मंडराते जान के खतरे के आधार पर दिया था।
विधायक के अधिवक्ता दिग्विजय नाथ दुबे के मुताबिक समाज विरोधी तत्वों की ओर से कई बार धमकियां मिलने के बाद हाईकोर्ट से सुरक्षा मुहैया कराने की गुजारिश की गई थी। क्योंकि राज्य की समाजवादी सरकार उन्हें सुरक्षा नहीं देना चाहती थी।
सोम पर क्या है आरोप?
मेरठ, सरधना से विधायक सोम मुजफ्फरनगर दंगा मामले में आरोपी हैं। उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। उन पर कथित तौर पर सोशल मीडिया में फर्जी वीडियो जारी कर तनाव को बढ़ाने की कोेशिश करने और भड़काऊ भाषण देने का भी आरोप है।