तो भारत नहीं, यूरोप में कहीं हैं राहुल गांधी!
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी को लेकर आ रही तमाम अटकलों के बीच उनके यूरोप के किसी स्थान पर होने की पुष्टि हुई है। बकौल इंडिया टुडे कांग्रेस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक राहुल यूरोप के किसी स्थान पर दो हफ्तों के लिए 'बौद्ध विपासना' के लिए गए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी 9 मार्च को भारत लौट आएंगे। यूरोप के लिए निकलने से पहले राहुल कांग्रेस पार्टी का पुनर्रूद्धार कैसे हो इसके लिए एक खाका भी तैयार कर गए थे। इस खाके के साथ उनकी छुट्टी के आवेदन का एक कागज भी नत्थी था लेकिन इसे बाद में कांग्रेस अध्यक्ष के इशारे पर हटा लिया गया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस पूरे नोट को कनिष्का सिंह ने तैयार किया था। कनिष्का सिंह, प्रियंका गांधी की ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) हैं। सिंह इससे पहले राहुल गांधी के कार्यालय में तैनात थीं।
जानें क्या है बौद्ध विपासना?
'बौद्ध विपासना' ध्यान की एक प्राचीन विधि है। करीब 2500 साल पहले दुनिया भर की तमाम बीमारियों के उपचार में इसका उपयोग किया जाता था।
यह तकनीक दस दिवसीय आवासीय पाठ्यक्रम के तहत सिखाई जाती है और इस तकनीक के दौरान प्रतिभागियों को ध्यान के प्राथमिक सिद्धांतों को सिखाया जाता है। इन तकनीकों के जरिए ध्यान लगाने से आपको निश्चित रूप से फायदा होता है।
दिलचस्प बात यह है कि 10 दिवसीय इस कोर्स के लिए कोई फीस नहीं ली जाती है और न ही इस कोर्स के दौरान रहने और खाने का कोई पैसा प्रतिभागियों से बतौर फीस लिया जाता है।